फेरकर नजरें हमसे किधर जाओगे....होगी चेहरे में रौनक तेरी, मुहब्बत में मेरी तुम निखर जाओगे...!, जैसी श्रृंगार और...अपने हौसलों की एक कहानी बनाना... हो सके तो खुद को झांसी की रानी बनाना.. बेटियां, .. जैसी वीर रस की कविताओं ने बटोरी खूब तालियां , अवसर था...?, पढ़ें पूरी खबर....

फेरकर नजरें हमसे किधर जाओगे....होगी चेहरे में रौनक तेरी, मुहब्बत में मेरी तुम निखर जाओगे...!, जैसी श्रृंगार और...अपने हौसलों की एक कहानी बनाना... हो सके तो खुद को झांसी की रानी बनाना.. बेटियां, .. जैसी वीर रस की कविताओं ने बटोरी खूब तालियां , अवसर था...?, पढ़ें पूरी खबर....

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अंबिकापुर। फेरकर नजरें हमसे किधर जाओगे... होगी चेहरे में रौनक तेरी, मुहब्बत में मेरी तुम निखर जाओगे.. जैसी अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देकर श्रृंगार रस के कवि संतोष दास सरल ने कार्यक्रम में शमां बांध दिया। अवसर था वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर तुलसी साहित्य समिति की काव्य गोष्ठी का। शहर के केशरवानी भवन में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि वरिष्ठ नागरिक ब्रम्हा शंकर सिंह शामिल हुए। अध्यक्षता शायरे शहर यादव विकास ने की। गोष्ठी में मुख्य अतिथि ने कहा कि फुट डालो राज करो की नीति पर मुठ्ठी भर अंग्रेजों ने तीस करोड़ भारतीयों पर राज किया था..। इस घटना से हमें सीख लेते हुए देश प्रेम का जज्बा दिल में लिए एकजुट रहना चाहिए । कार्यकारी अध्यक्ष माधुरी जायसवाल ने बालिकाओं से आह्वान कर प्रस्तुति देते हुए कहा कि - अपने हौसलें की एक कहानी बनाना, हो सके तो खुद को झांसी की रानी बनाना। अर्चना पाठक ने कहा कि वीरता की आनबान शान सी दमकती थी.... धीरता में उनका न कोई उपमान था..। निर्मल कुमार गुप्ता ने कहा कि जन्म लिया नारी का फिर भी मर्दानी कहलाई, ऐसी थी वो लक्ष्मी बाई ....। पूर्णिमा पटेल ने कहा कि सूरज, चांद, सितारों सा चमके तेरा नाम..मेरे देश की धरती तुझे सलाम..।आचार्य दिग्विजय सिंह तोमर ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का अखंड आर्यव्रत नारा था, लेकर रहेंगे हम उसको, जो भू भाग हमारा था..। यादव विकास ने कहा कि मंजिल पाने का सरल, सहज उपाय बताया, मिलती है उसे मंजिल , बार बार जिसने गिरकर खुद को उठाया..!,उमाकांत पाण्डेय ने कहा कि थकी थकी सी रात थी.. असलाई सी भोर, निंदिया मेरी ले गया एक वही चितचोर..! अजय श्रीवास्तव ने कहा कि उस आसमां से मुझको कोई यार है बुलाए... ने भी तालियां बटोरी, अंत में संस्था के अध्यक्ष दोहाकार मुकुंद लाल साहू की प्रस्तुति, जिनसे जिंदा है वतन,आजादी भी आज, अमर शहीदों पर हमें, सदा रहेगा नाज पर जमकर तालियां बजीं। संचालन अर्चना पाठक और आभार प्रदर्शन पेंशनर्स समाज के अध्यक्ष हरिशंकर सिंह ने किया।

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