अंबिकापुर/ दुर्ग/बिलासपुर।। खबरी गुल्लक।।
दुर्ग जिले में सोशल मीडिया और वॉट्सएप के माध्यम से हुई अलग‑अलग वारदातों ने सुरक्षा की चिंता बढ़ा दी है। दुर्ग में एक फर्जी वॉट्सएप संदेश के जरिए कंपनी के खाते से 20 लाख रुपये की ठगी हुई, जबकि बिलासपुर में इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती कर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोप में आरोपी गिरफ्तार किया गया।
वॉट्सएप के जरिए 20 लाख की ठगी
दुर्ग के साईराम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर यश बत्रा 27 की शिकायत पर सुपेला पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर और संबंधित एचडीएफसी बैंक खाते के धारक के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। कंपनी के अकाउंटेंट मेष पटेल ने बताया कि कंपनी के भुगतान के लिए एक वॉट्सएप ग्रुप है, जिसमें डायरेक्टर और अकाउंटेंट जुड़े हुए हैं। 21 मई को एक अज्ञात नंबर से भेजे गए संदेश में कंपनी निदेशक के पिता श्रीचंद बत्रा की फोटो और प्रोफ़ाइल पिक्चर लगी हुई थी और इसमें एचडीएफसी बैंक खाते में राशि ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए। अकाउंटेंट ने इसे निर्देशक का आदेश समझकर कंपनी के करंट एसबीआई खाते से 20 लाख रुपये एचडीएफसी खाते में ट्रांसफर कर दिए। अगले दिन उसी नंबर से 48 लाख रुपये और ट्रांसफर करने का अनुरोध आया। बातचीत के बाद जब यश बत्रा ने अपने पिता से फोन पर संपर्क किया तो सामने आया कि पिता ने किसी भी तरह की रकम की मांग नहीं की थी। पुलिस घटना की विवेचना कर रही है।
इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर शादी का झांसा
बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र में इंस्टाग्राम के जरिए तखतपुर क्षेत्र की एक युवती की पहचान जरेली निवासी निलेश कुमार जायसवाल से हुई। पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और आरोपी ने युवती का विश्वास जीत कर नजदीकियां बढ़ाईं। पीड़िता के अनुसार आरोपी ने जन्मदिन मनाने के बहाने उसे तोरवा क्षेत्र के एक होटल में बुलाया और शादी करने का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए; बाद में आरोपी ने शादी करने से इनकार कर दिया। पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, और तोरवा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। जांच जारी है।
पुलिस ने की यह अपील
पुलिस ने दोनों मामलों में सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर रोक और साइबर साक्ष्य जुटाने पर जोर दिया है। नागरिकों से सलाह दी गई है कि वॉट्सएप या इंस्टाग्राम पर आने वाले अनजान संदेशों और पैसों से जुड़े अनुरोधों पर सत्यापन के बिना किसी भी प्रकार का वित्तीय लेन‑देन न करें।




