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मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना में लुण्ड्रा ब्लॉक में करोड़ों घोटाले का आरोप .. काम अधूरे, कागज में पूरे हो पूरे.. ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग अंबिकापुर का मामला

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अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।। 

सरगुजा जिले के प्रसिद्ध आरटीआई कार्यकर्ता और अधिवक्ता डीके सोनी ने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत लुण्ड्रा विकासखंड में सरकारी स्कूलों के मरम्मत कार्यों में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया हैं। उन्होंने कहा है कि शासकीय प्राथमिक शाला कटाईपारा ग्राम पंचायत जरहाडीह का मामला सबसे ज्यादा चर्चा में है, जहां मरम्मत कार्य के नाम पर 2 लाख 39 हजार रुपये खर्च दिखाए गए, जबकि जमीनी हकीकत में काम 30 हजार रुपये से भी कम का बताया जा रहा है। इस मामले में संबंधित विभाग के अधिकारी से संपर्क नहीं हो पाने के कारण उनका पक्ष नहीं लिया जा सका। 

डीके सोनी ने आरोप लगाया कि इस मामले में दस्तावेजों में भी कथित हेरफेर किया गया है। जिस स्कूल का वास्तविक स्थान ग्राम पंचायत जरहाडीह है, उसे कागजों में ग्राम पंचायत लमगांव दर्शाया गया है। इसे सुनियोजित कूट रचना मानते हुए पूरे मामले को संदिग्ध बताया जा रहा है।

डीके सोनी ने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में नाम मात्र का मरम्मत कार्य हुआ है, जबकि कागजों में बड़ी राशि का भुगतान दिखाकर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया। आरोप यह भी है कि इस पूरे प्रकरण में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत रही है।

 आरटीआई कार्यकर्ता डी.के. सोनी ने इसे स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार का मामला बताते हुए संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि  लुण्ड्रा ब्लॉक के कई अन्य स्कूलों में भी इसी तरह की अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। इनमें प्रमुख रूप से

प्राथमिक शाला डडहोली पारा – ₹2,27,851

प्राथमिक शाला डडहोली पारा (भेड़िया) – ₹2,30,000

असकला – ₹80,000

प्राथमिक शाला भेड़ीदाढ़ असकला – ₹1,49,000

माध्यमिक शाला डडहोली पारा – ₹3,01,617

प्राथमिक शाला सायर रई – ₹2,66,296

केजीबीवी लुण्ड्रा – ₹2,21,431

माध्यमिक शाला चिरंगा – ₹2,54,607

प्राथमिक शाला चिरंगा – ₹3,75,845

डीके सोनी के द्वारा इन सभी कार्यों के अलावा लुण्ड्रा  ब्लॉक के सभी कार्यों में भी लागत और वास्तविक काम के बीच अंतर होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे पूरे ब्लॉक में योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। 

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