सरगुजा सहित उत्तर छत्तीसगढ़ की धरती पर बादल फटने जैसा जल प्रहार.... एक सप्ताह पहले तक सूखे पहाड़ी नालों में अचानक आई बाढ़... घुनघुट्टा, कन्हर, सेंदूर, महान, रेण नदी के साथ अन्य नदियों में बढ़ा जल स्तर...... पढ़ें पूरी खबर.....

सरगुजा सहित उत्तर छत्तीसगढ़ की धरती पर बादल फटने जैसा जल प्रहार.... एक सप्ताह पहले तक सूखे पहाड़ी नालों में अचानक आई बाढ़... घुनघुट्टा, कन्हर, सेंदूर, महान, रेण नदी के साथ अन्य नदियों में बढ़ा जल स्तर...... पढ़ें पूरी खबर.....

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अंबिकापुर। सूखे की आशंका से डराने के बाद प्रकृति ने अपना मिजाज बदला और सरगुजा सहित उत्तर छत्तीसगढ़ की प्यासी धरती का कंठ तर करते हुए बादल फटने के समान मूसलाधार बारिश से हर निचला इलाका पानी - पानी हो गया। संभाग मुख्यालय अंबिकापुर की लगभग सभी प्रमुख सड़कें जलमग्न हैं। अंबिकापुर में पिछले 24 घंटे के पीछे 150 मिमी से अधिक वर्षा हुई। नदी , नाले उफान पर हैं, शहर की जीवन दायिनी बांक जलाशय में भी पानी धीरे धीरे ऊपर चढ़ रहा है। घुनघुट्टा जलाशय के लबालब होने से 4 गेट खोलने पड़े। छोटे रपटा पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा है। बलरामपुर जिले के सेंदुर नदी, कन्हर नदी, तातापानी का देवघर नाला, माठाढोढा पहाड़ी नाला, रजबंधा बांध, आवरा झरिया के अलावा सूरजपुर जिले में रेण नदी, महान नदी सहित अन्य नदी,नालों में उफान है ,जलाशयों में पानी भर भर गया है। पहले सूखे के चलते किसान धान रोपाई में पिछड़ने से चिंतित थे, मगर अब लगातार बारिश होने की वजह से चिंतित हैं। खेत पानी से लबालब भरे हुए हैं। जिससे फसल बहने की आशंका भी बनी हुई है। मौसम विभाग के द्वारा अगले कुछ दिनों तक कहीं कहीं भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

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