बिग ब्रेकिंग : दरिमा के प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास में कक्षा आठवीं के 13 वर्षीय छात्र ने लगाई फांसी ... कथित तौर पर पथरी की बीमारी से था परेशान .... मचा हड़कंप...

बिग ब्रेकिंग : दरिमा के प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास में कक्षा आठवीं के 13 वर्षीय छात्र ने लगाई फांसी ... कथित तौर पर पथरी की बीमारी से था परेशान .... मचा हड़कंप...

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 अंबिकापुर। दरिमा के प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास  में कक्षा आठवीं के छात्र मुकेश तिर्की पिता रामजी तुर्की 13 वर्ष  ने कमरे  के भीतर फांसी लगाकर आत्महत्या ली। नाबालिग छात्र द्वारा आत्म हत्या के पीछे कथित तौर पर पथरी की बीमारी और असहनीय दर्द को बड़ा कारण बताया जा रहा है। यह विडंबना ही है कि छात्रावास अधीक्षक द्वारा विभाग स्तर पर छात्र के समुचित उपचार के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय केवल दर्द निवारक दवाइयां दी गई, वहीं गरीब परिजन भी अज्ञानता वश गांव के नीम हकीमों से जंगली जड़ी बूटी से उसका उपचार करते रहे, ...और अंतः पीड़ा बढ़ने पर छात्र के जीवन लीला ही समाप्त कर ली। बताया जा रहा है कि सीतापुर थाना के ग्राम बिशनपुर निवासी बालक मुकेश तिर्की दरिमा के छात्रावास में रहकर आठवीं कक्षा में पढ़ रहा था। वह पथरी से जूझ रहा था और दस दिन  गांव में जड़ी बूटियों से इलाज करा 20 फरवरी को वापस छात्रावास लौटा था। पथरी की दर्द के कारण वह तीन दिन से स्कूल नही जा रहा था। आज स्कूल से वापस छात्रावास लौटे सहपाठियों ने जब कमरा बंद देखा तो आवाज लगाया, कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर रोशन दान से झांक कर देखा तो छात्र को फंदे पर झूलता पाया। यह देख छात्रावास में हड़कंप मच गया। तत्काल खिड़की तोड़ दरवाजा खोला गया और छात्र को नीचे उतारा गया। खबर पर परिजन छात्रावास में पहुंचे और अपने लाडले का शव देख बिलख पड़े। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। 




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