कांकेर/ बांदे। खबरी गुल्लक।।
दल्लीराजहरा थाना के शांतिपारा क्षेत्र में लगभग एक साल पहले मिले संदिग्ध शव की गुत्थी पुलिस की जाँच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सुलझ गई है। प्रारम्भिक रूप से करंट लगने से हुई मौत जैसा दिखने वाला यह मामला असल में सुनियोजित साज़िश निकला, जिसमें मृतक के घर की पत्नी और उसका प्रेमी प्रमुख दोषी पाए गए। पुलिस ने आरोपियों में पत्नी सरस्वती विश्वास, उसके प्रेमी इंद्रजीत दास और दो अन्य सहयोगियों सुरेंद्र बाछाड़ व रंजीत सरकार को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 24 मई 2025 की रात दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र के शांतिपारा में दल्ली राजहरा निवासी मुकेश विश्वास का शव खेत के पास मिला था। शुरुआती दृश्य देखकर मौत करंट से हुई प्रतीत हुई और मामला असलियत में हादसे जैसा दर्ज किया गया था। पुलिस ने बताया कि मृतक और उसकी पत्नी सरस्वती के बीच तनाव तब बढ़ा जब सोशल मीडिया पर सरस्वती का फन सिटी में अपने प्रेमी के साथ क्षणिक तस्वीरें वायरल हुईं। इन तस्वीरों ने दोनों पक्षों में झगड़ा बढ़ा दिया और पति-पति तथा प्रेमी के बीच मारपीट तक हुई;ल, इसकी शिकायत दल्लीराजहरा थाने में भी दर्ज करवाई गई थी। घर के अंदर बढ़ते विवाद व तलाक की तर्क-वितर्क की तैयारियों के बीच पत्नी ने अलग रास्ता अपनाया और अपनी प्रेम-संबंधी जाँच के मद्देनजर एक सुनियोजित हत्या की आयोजना की।
पुलिस जांच में पाया गया कि हत्या की पूर्व तैयारी में सरस्वती ने अपने पड़ोसी प्रेमी इंद्रजीत दास के साथ सांठ-गांठ की। घटना के दिन, मुकेश को बहाने के लिए खेत की ओर बुलाया गया। वहाँ साथी आरोपियों ने उसे शराब पिलाई और बेहोश कर दिया। बेहोशी की स्थिति में हत्या को अंजाम देने के लिए ट्यूबवेल के तारों से करंट देने की योजना बनाई गई। सरस्वती ने फोन के माध्यम से लगातार अपने प्रेमी को घटनाक्रम से अवगत रखा और अन्य सहयोगियों को भी जानकारी दी।
पुलिस ने दोबारा खोली फाइल
पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद घटना स्थल पर ऐसा ही माहौल बनाकर इसे दुर्घटना दिखाने की कोशिश की गई ताकि जांच भटक जाए। शुरुआती जांच में ठोस सुराग हाथ नहीं लगे और मामला अंधे कत्ल की श्रेणी में चला गया, परंतु कांकेर पुलिस ने फाइल पुनः खोलकर वैज्ञानिक व तकनीकी जांचें और साइबर विश्लेषण कराए। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन डेटा और तकनीकी साक्ष्यों ने घटनाक्रम की कड़ियाँ जोड़नी शुरू कीं। कॉल लॉग से स्पष्ट हुआ कि घटना वाले समय पर सरस्वती और इंद्रजीत के बीच लगातार संपर्क रहा और अन्य आरोपियों के साथ समन्वय भी मौजूद था। पुलिस ने पुन: पूछताछ और डिजिटल फोरेंसिक मिलान से घटना में शामिल चारों आरोपियों के खिलाफ निर्णायक सबूत जुटाए।
इनकी हुई गिरफ्तारी
जांच में मिले ठोस साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सरस्वती विश्वास, इंद्रजीत दास, सुरेंद्र बाछाड़ और रंजीत सरकार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के घर व फोन की तलाशी में और भी कई प्राथमिक साक्ष्य हासिल हुए हैं जिनका विश्लेषण जारी है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ हत्या, साजिश और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएँ लगाई गई हैं; अभी फोरेंसिक रिपोर्ट, कॉल डिटेल का विस्तृत विश्लेषण और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों की रिपोर्ट का इंतजार है।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
कांकेर पुलिस ने बताया कि शुरुआत में प्रतीत होने वाला दुर्घटना करंट से मौत का स्वरूप ही आरोपियों की होशियारी का हिस्सा था, ताकि जांचकर्मियों का ध्यान घटना की साजिश से हटे। परंतु तकनीकी जांच व कॉल-डिटेल से साज़िश की पोल खुलती गई और आरोपी पकड़े गए।




