सूरजपुर। जिले के ओडगी विकासखंड के ग्राम पंचायत खोंड स्थित कन्या आश्रम छात्रावास में अव्यवस्थाओं को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के द्वारा आज शुक्रवार को जांच में पहुंचे आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त विश्वनाथ रेड्डी को करीब तीन घंटे बंधक बना लिए जाने से पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मचा रहा। खबर पर पुलिस बल के साथ पहुंचे भैयाथन एसडीएम द्वारा आश्रम अधीक्षिका के खिलाफ स्वयं जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर ग्रामीण माने और सहायक आयुक्त को मुक्त किया। घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक अधीक्षिका की लापरवाही के कारण आश्रम में छात्राओं को नहाने के लिए पानी 10 से 12 दिनों बाद मिलता था, ऐसी स्थिति में कई छात्राएं बीमार पड़ गई थी, गंदगी की वजह से एक छात्र के सिर में संक्रमण से घाव हो गया था। इसके बाद भी अधीक्षिका ने कोई ध्यान नहीं दिया। इलाज नही होने से घाव में कीड़े भी पड़ गए थे। इसकी जानकारी जब परिजनों को मिली तब वे पहुंचे और बेटी का इलाज निजी अस्पताल में भर्ती कर कराया गया था। इस घटना की खबर पर ग्रामीणों, परिजनों में रोष फैल गया था। संक्रमण और बीमारी की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा छात्रावास में विशेष शिविर लगा जांच किया गया तो 80 से अधिक बच्चे बीमार मिले थे, जिनका उपचार किया गया था। ग्रामीणों द्वारा अधीक्षिका पर कार्यवाई की मांग किए जाने पर सहायक आयुक्त आज जांच के लिए पहुंचे थे, इधर आक्रोशित ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बंधक बना जमकर खारीखोटी सुनाते हुए कार्यवाई की मांग की जा रही थी। भैयाथान एसडीएम ने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आयेंगे उसके अनुरूप कार्रवाई होगी।



