सूरजपुर। (भूपेंद्र राजवाड़े)। शैक्षणिक उन्मुखीकरण कार्यक्रम अंतर्गत आज शुक्रवार को सूरजपुर ऑडिटोरियम में मोटिवेशनल सेमिनार एवं केयर वर्कशॉप का आयोजन किया गया था। जिसमें स्कूल कॉलेज के विद्यार्थियों के समक्ष मोटिवेशनल स्पीकर प्रिंस वर्मा ने तर्क के साथ रोचक ढंग से भविष्य बनाने और जीवन प्रबंधन के गुर सिखाए। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में आने वाले चैलेंज का सामना करने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स दिए। उन्होंने बच्चों को बताया कि निरंतर प्रयास से असंभव कार्य को भी पूर्ण किया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया और उसे पाने के लिए निरंतर किस प्रकार प्रयास करना है उस पर प्रकाश डाला।
निरंतर अभ्यास से बढ़ेगी दक्षता
महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने विद्यार्थियों को निरंतर अभ्यास करने की सलाह दी। उनका कहना था कि निरंतर अभ्यास से आप दक्षता को प्राप्त करते हैं और सफलता को सुनिश्चित कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने समय सारणी में पढ़ाई को ज्यादा से ज्यादा स्थान देने की बात कही ताकि विद्यार्थी उज्जवल भविष्य की ओर अपने कदम बढ़ा सके।
जिसमें रुचि उसमें बनाए कैरियर
प्रेम नगर विधायक भूलन सिंह मराबी ने छात्र छात्राओं को करियर का चुनाव अपनी रुचि के अनुरूप करने की सलाह दी। उपस्थित विद्यार्थियों को बेहतर से बेहतर शिक्षा ग्रहण करने के लिए कहा ताकि वो सभी इच्छा अनुरूप एक बेहतर लक्ष्य को हासिल कर सके।
कामयाबी के लिए समय का प्रबंधन जरूरी
इस पर कलेक्टर रोहित व्यास ने दृढ़ निश्चय, अनुशासन, समय प्रबंधन व परिश्रम जैसे विषयों पर विद्यार्थियों के समक्ष प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि जो संसाधन और सुविधा उनके पास है उसका वो सभी पूर्ण रूप से दोहन करें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सफल प्रबंधन के क्रियान्वयन से हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त की जा सकती है, इसलिए सभी दृढ़ निश्चय के साथ कड़ी मेहनत करें और सफल बनें। इसके साथ उन्होंने देश के महान विभूतियां से प्रेरणा लेने की बात भी कही।
भविष्य का नींव है लक्ष्य का चुनाव
संगोष्ठी में जिले के अधिकारियों ने भी अपने - अपने एक्सपीरियंस बच्चों को बताये। जिसमें संयुक्त कलेक्टर रवि सिंह ने बताया कि करियर का चुनाव भविष्य की नींव होता है इसलिए अपनी क्षमता की पहचान कर विद्यार्थियों को उसके संवर्धन में पूरी तन्यता के साथ लग जाना चाहिए। उनके अलावा अन्य अधिकारियों द्वारा भी उनके जीवन के प्रेरक प्रसंग और घटनाओं का जिक्र किया गया।



