अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक ।।
आइसीडीएस की देश मे स्थापना हुये लगभग 50 वर्ष होने को है, इन केन्द्रो मे देश भर मे लगभग 27 लाख से भी अधिक महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाये कार्यरत है,आज तक सरकार इन्हे ना मजदूर मानती है ना कर्मचारी,. बुनियादी सुविधा और मूलभूत मांगे जैसे जीने लायक वेतन. समाजिक सुरक्षा के रूप मे बुढ़ापे की सहारा पेशन.ग्रेज्युवेटी.समूह बीमा और चिकित्सा सम्मान और शासकीयकरण की मांग को पूरा किया है, कार्यकर्ता सहायिका अपनी मांगों को लेकर 50 साल से संघर्षरत है। इन सब मुद्दों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ के द्वारा 1 सितंबर को प्रदेश के सभी जिलों में धरना, रैली और कलेक्ट्रेट का घेराव करते हुए जंगी प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। इधर इन आंबा कर्मियों के हड़ताल को देखते हुए शासन के द्वारा हड़ताल अवधि का वेतन काटने,बार बार हड़ताल कर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा डालने पर सेवा से बर्खास्त करने की चेतावनी भी दी गई है। इस संबंध में शासन के पत्र के बाद विभाग प्रमुखों के द्वारा भी पत्र जारी किया गया है। इस चेतावनी से आंबा कर्मियों में और रोष है। इनका कहना है कि प्रदर्शन के दौरान यह प्रति भी जलाएंगे।
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि आंगनबाड़ी केन्द्र के संचालन मे हितग्राहियो को शासन का लाभ दिलाने मे शासन की मंशा अनुरूप कार्य करने के लिये दिनचर्या की कामो मे कई सारे कठिनाई आ रही है. समस्या और आवश्यक संसाधन जुटाने की बात यदि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहिकाओ के नेतृत्वकर्ता, विभागीय अधिकारी से करते है,और समस्याओ के निराकरण करने की बात मुखरता से करते है, तो शासन प्रशासन द्वारा इनकी आवाज को दबाने और हक और अधिकार की लड़ाई के लिये प्रजातांत्रिक अभिव्यक्ति के अधिकार को छिनने की कोशिश की जा रही है और संघो के पदाधिकारियो को डराने .धमकाने की कार्यवाही की गई है, इसी कड़ी मे कई संघ पदाधिकारियो को गलत और मनगढ़त आरोप लगाकर सेवा से पृथक किया जा चुका है।
आरोप लगाया गया कि दमन और प्रताड़ना के कुछ उदाहरण श्रीमती सुमन यादव.प्रान्तीय सचिव.रायपुर को 2023 मे गलत और मनगढत आरोप लगाकर एकतरफा कार्यवाही करते हुये सेवा से बर्खास्त किया गया है.आज अपील प्रकरण के रूप मे कलेक्टर न्यायालय रायपुर मे दो वर्ष से लम्बित है.न्याय की बाट जोह रही हैं।
आरोप लगाया गया कि इसी तरह कल्पना चंद अध्यक्ष पंखाजूर को अभी हाल मे इन्ही कारणो से सेवा से बर्खास्त किया गया है प्रकरण.एस.डी.एम.न्यायालय पंखाजूर मे लम्बित है। श्रीमती रूक्मणी सज्जन प्रान्ताध्यक्ष को भी सेवा से बर्खास्त किया गया.लेकिन श्रीमान् कलेक्टर जगदलपुर के न्यायालय से अपील प्रकरण मे इन्हे न्याय मिला और सेवा मे वापस आई है .इसी तरह कई पदाधिकारियो मे मानसिक तनाव और भय पैदा करने के लिये नोटिस ऊपर नोटिस देकर परेशान किया जा रहा है।
गौरतलब विभाग आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ को जब काम के बदले दाम देने की बात आती है तो मानसेवी बना देती है और केन्द्र और राज्य सरकार के अधिन बताती है लेकिन जब छोटी मोटी गलती हो तो शासकीय कर्मचारियो से भी कठोर दण्ड अर्थात सेवा बर्खास्तगी या फिर मानदेय काट कर आर्थिक नाका बंदी की प्रताड़ना आम बात है।
विभागीय कार्यो मे फोटो फेस कैप्चर IFC./Ekyc/ पोषण ट्रेकर.एवं अधिकांश कार्य मोबाईल और नेट के माध्यम से आनलाईन करना है और रिकार्ड भी रखना है। फिल्ड मे कई ब्यवहारिक समस्याये है.यह सभी कार्य 5G मोबाईल या टेबलेट और पर्याप्त नेट के बिना संभव नही है.दूरांचल .वनाचलो मे हमेशा नेट.प्राब्लम रहता है जिस दिन नेट काम नही किया.जानकारी और फोटो फेस कैप्चर नही हुआ उस दिन की मानदेय कट जायेगा.इसी तरह हितग्राहियो को पोषण आहार और THR वितरण मे भी हितग्राहियो के पास मोबाईल होना अनिवार्य है यदि मोबाइल नही है तो ये सभी सुविधा महिला एवं बाल विकास की नही मिलेगा। हितग्राही के मोबाइल मे ओटीपी लेना भी आज की स्थिति मे एक बड़ी कठिन समस्या बनी हुई है।
विभाग जमीनी स्तर की समस्या को हल करने के बजाय निराकरण की बात करने पर हाल मे एक आदेश सभी कलेक्टरो संचालनालय रायपुर से जारी किया गया है कुछ पंजीकृत संगठन बार बार शासन का ध्यानाकर्षण हेतु धरना रैली प्रदर्शन किया जाता ऐसे स्थिति मे पदाधिकारियो को बर्खास्त करने की कार्यवाही किया जावे.इसका संयुक्त मंच कड़े शब्दो मे निंदा करती है और इस आदेश को निरस्त करने की मांग करती है।
उक्त सभी मांगो और समस्या के संबंध मे संघ के प्रतिनिधियो ने सरकार से आग्रह किया है, कि हम समस्या का निराकरण बैठक के माध्यम से चाहते है.इस विषय में सचिव,संचालक और कलेक्टर को पत्र भी दिया है, और प्रत्यक्ष रूप से भेट मुलाकात करके भी दिया गया है ,लेकिन शासन के तरफसे कोई सार्थक पहल नही होने के कारण दिनांक 01 सितम्बर 25 छत्तीसगढ़ के एक लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका 33 जिलो मे भारी संख्या अपनी मांगो के समर्थन मे काम बंद कर सड़क पर उतरेगी और अपने अपने जिले मे धरना .रैली .प्रदर्शन कर प्रधान मंत्री एवं मुख्यमंत्री छत्तीसगढ सरकार के नाम ज्ञापन सौपेगी।

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