ADD





बच्चों का भविष्य संवारने वाले शिक्षकों ने सड़क को बनाया पाठशाला...! गढ्ढे भर नागरिकों को श्रमदान की दी सीख..

0

अंबिकापुर/सूरजपुर।। खबरी गुल्लक।। 31 अगस्त 2025।। 

एक तरफ समाज का बड़ा तबका सार्वजनिक क्षेत्र में शासकीय पहल की बाट जोहता है, बुनियादी सुविधा मिलने पर जब देरी होती है तब शासन और प्रशासन को कोसता है। कई बार हम अपने घर के सामने बने गढ्ढे को भी भरने के लिए प्रशासनिक पहल का इंतजार करते हैं मगर एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हम अपना दायित्व भूल जाते हैं। ऐसे समय में सूरजपुर जिले में शिक्षकों द्वारा जर्जर सड़क का मरम्मत करते यह तस्वीर सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही है। शिक्षा के मंदिर पाठशाला में बच्चों को शिक्षा देने वाले इन शिक्षकों ने श्रमदान कर सड़क मरम्मत करते हुए नागरिकों को यह संदेश दे दिया कि हर चीज के लिए केवल शासन और सत्ता के मोहताज न रहें। खुद भी पहल कर देश की तस्वीर को संवारने में योगदान दें। कई बार हमारी छोटी सी पहल से किसी की जान बच जाती है। वर्तमान समय में  बच्चे यदि स्कूल में झाड़ू लगाएं या पानी भरे इसे भी शिक्षा के रूप में देखना चाहिए। बच्चों के साथ ही समाज के विकास के लिए अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन जरूरी है। 

यह तस्वीर बलरामपुर और सूरजपुर जिले को जोड़ने वाले खडगवा कला - खोखनिया पंचायत मार्ग की हैं। जर्जर सड़क का मरम्मत नहीं होने से शिक्षकों ने खुद ही  सड़क का मरम्मत करना शुरू कर दिया। शिक्षक फावड़ा लेकर सड़क पर उतर गए, उन्होंने जर्जर सड़क के गड्ढे भरे।  शिक्षकों का कहना था कि उन्हें हर रोज इसी सड़क से होकर बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल जाना पड़ता है। बरसात होने पर गड्ढे भर जाते हैं जिसके कारण उनकी गाड़ी इस सड़क पर नहीं चल पाती है इसके कारण उन्हें खुद ही इस सड़क का मरम्मत करना पड़ रहा है।

अंबिकापुर से कई सरकारी कर्मचारी और शिक्षक अंबिकापुर प्रतापपुर मुख्य मार्ग होते हुए ग्राम पंचायत खडगवा पहुंचते हैं. यहां से बलरामपुर जिले में आने वाले ग्राम पंचायत खोखनिया होते हुए अलग-अलग गांव में ड्यूटी करने के लिए जाते हैं, लेकिन बिल द्वारा गुफा के पास एक किलोमीटर की सड़क इतनी अधिक खराब है कि यहां चलना मुश्किल हो जाता है। जिससे शिक्षकों के द्वारा श्रमदान कर सड़क का मरम्मत करते हुए ग्रामीणों को भी श्रमदान की सीख दी गई।. यह तस्वीर विकास की भी पोल खोल रही है। 


 

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)