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मरीजों की जान से खिलवाड़: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमलेश्वरपुर में चपरासी बांट रहा दवाई, फार्मासिट निजी दुकान खोल काट रहा मलाई ...

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अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।। 31 अगस्त 2025।। 

सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड में एक बेहद चिंतित करने वाली तस्वीर सामने आई है। जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमलेश्वरपुर में एक चपरासी मरीजों को दवाइयां बांटता नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस तस्वीर की सच्चाई जानने जब खबरी गुल्लक की टीम कमलेश्वरपुर स्वास्थ्य केंद्र में पहुंची तब एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। वहां दवा लेने आए मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि इस अस्पताल में दवा वितरण के लिए फार्मासिस्ट की भी भर्ती हुई है, मगर फार्मासिस्ट ने गांव में ही दवा दुकान खोल लिया है। फार्मासिस्ट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी करने के बजाए केवल उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर करने के लिए जाता है और चपरासी को दवा बांटने की जिम्मेदारी देकर अपने निजी दवा दुकान में लौट आता है। यह सारा खेल स्थानीय प्रबंधन और जिले के बड़े अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है। 

ट्रांसफर के बाद भी उसी अस्पताल में अटैच

सूत्रों के मुताबिक अपने निजी दवा दुकान के संचालन के चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमलेश्वरपुर से गायब रहने वाले फार्मासिस्ट की के संबंध लगातार शिकायत आने पर उसका तबादला अंबिकापुर किया गया था मगर राजनैतिक पहुंच होने के चलते अधिकारियों पर दबाव बना उसने खुद को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमलेश्वरपुर में ही अटैच करा लिया। वह अस्पताल में ड्यूटी करने के बजाए अपना दुकान चला रहा है और अस्पताल में चपरासी दवा बांट रहा है। मैनपाट के लोगों का कहना है कि इस संबंध में लगातार शिकायतों के बाद भी विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने के बजाए किस उद्देश्य से मेहरबान बने हुए हैं यह जांच,शोध  का विषय है

यदि अनहोनी हुई तो कौन होगा जिम्मेदार

मैनपाट के नागरिकों का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमलेश्वरपुर में चपरासी मरीजों को दवाइयां बांट रहा है, ऐसे में यदि किसी को गलत दवा वितरण से कोई अनहोनी हुई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा ..? , सबकुछ जानते हुए भी आंख पर पट्टी बांध कर बैठे रहने वाला शासन, प्रशासन या विभाग के अधिकारी। नागरिकों का कहना है कि यह मनमानी सीधे सीधे मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाली है। इस मामले में संबंधित फार्मासिट को या तो बर्खास्त कर दिया जाए या  दूसरे जिले में तबादला किया जाए। नागरिकों का यह भी कहना है कि पूर्व में स्थानांतरण के बाद भी किस अधिकारी की मिलीभगत से वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमलेश्वरपुर में अटैच हुआ इसकी भी जांच और कार्रवाई होनी चाहिए।

जारी किया गया कारण बताओ नोटिस - cmho 

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पीएस मार्को ने कहा कि संबंधित फार्मासिट को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। इस संबंध में विभाग स्तर पर भी जांच कराई जा रही है, जो भी तथ्य आयेंगे उसके अनुरूप कार्रवाई होगी। 

फार्मासिस्ट की कमी दूर करने यह उपाय हो सकता है प्रभावी

सरगुजा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,उपस्वास्थ्य केंद्र के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंदों में भी फार्मासिस्ट की कमी है। बताया जा रहा है कि सीतापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्ट के दो पद हैं, जिसमें से एक पद पर भी फार्मासिट नहीं मिल पाएं हैं। यहां उधार के फार्मासिस्ट के काम चलाया जा रहा है। सुखरी में भी फार्मासिस्ट नहीं हैं। भभौली में एलोपैथिक फार्मासिस्ट नहीं होने के कारण आयुर्वेद फार्मासिस्ट से काम चलाया जा रहा। इसी प्रकार अन्य चिकित्सालयों में भी फार्मासिस्ट पद रिक्त है। केवल जुगाड की व्यवस्था में दवा वितरण करते हुए मरीजों की जान से खिलवाड़ चल रहा है। इसी कमी का फायदा फार्मासिस्ट उठा रहे हैं। ड्यूटी करने के बजाए अपना दवा दुकान खोल रहे हैं। यही कारण है कि सबकुछ जानते हुए भी अधिकारी कुछ कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि शासकीय चिकित्सालयों में फार्मासिस्ट की कमी दूर करने के लिए शासन स्तर पर प्रभावी कदम उठाया जाना चाहिए। अथवा विकल्प के तौर पर स्टाफ नर्सों को अतिरिक्त प्रशिक्षण देना चाहिए। ताकि किसी चपरासी से दवा वितरण कराने की जरूरत न पड़े। इसके लिए संबंधित स्टाफ नर्स को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देना चाहिए। इस उपाय से फार्मासिट का न सिर्फ प्रभावी विकल्प तैयार होगा बल्कि लापरवाह फार्मासिस्ट पर कार्रवाई भी सुनिश्चित हो सकेगी।


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