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देर रात बहन ने मोबाइल देखने से टोका तो भाई बन गया हैवान... टांगी से ताबड़तोड़ वार कर, कर दिया खून .. मां के साथ सोए दो मासूम बच्चे भी हुए खून से लथपथ.. वीभत्स नजारा देख रोंगटे खड़े हुए सभी के ... कुन्नी चौकी क्षेत्र में हुई वारदात

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अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।।

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के कुन्नी चौकी क्षेत्र  में दिल दहला देने वाली एक घटना में हैवान बने भाई ने जमीन पर अपने दो मासूम बच्चों के साथ सोई बहन को मौत के घाट उतार दिया। बहन का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने 5 अगस्त की देर रात तक मोबाइल देख रहे भाई को सो जाने समझाइश दी थी। जिससे नाराज भाई ने उसे सो जाने तक इंतजार किया फिर टांगी से 6 बार ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतार दिया। मां के शव के बगल में बहे रक्त से दोनों मासूम बच्चे लथपथ हो चुके थे। सुबह लोगों को घटना का पता चला। लिपिंगी मझवारपारा चौकी कुन्नी निवासी मुनेश्वरी 30 वर्ष की हत्या के बाद आरोपी भाई जयप्रकाश मझवार टांगी के साथ आंगन में ही बैठा था,जिसे लोगों ने किसी प्रकार पकड़ पुलिस को सौंपा। राखी पर्व के तीन दिन पूर्व हुए इस जघन्य हत्याकांड से गांव में शोक है। इस घटना पर सहसा किसी को विश्वास नहीं हो पा रहा है कि आखिर कोई भाई इतना हैवान कैसे बन सकता है। दो मासूम बच्चे के सिर में मां का साया उठ गया। 

पुलिस के मुताबिक लिपिंगी मझवारपारा निवासी मुनेश्वरी का गांव में ही शादी हुआ था, वह  5/08/25 को  अपने मायके आयी थी। रात्रि में खाना  खाने के बाद कमरा में  मुनेश्वरी जमीन मे सोई थी एवं  भाई जयप्रकाश खाट में सोया थे। कि 6/08/25 की रात्रि करीब 12.30 बजे  जयप्रकाश मोबाईल चला रहा था तभी बहन मुनेश्वरी द्वारा इतना रात में मोबाईल क्यों चला रहे हो कहकर मना करते हुये मोबाईल को अपने पास रख ली,  इस बात पर  मुनेश्वरी व  जयप्रकाश के बीच विवाद  हुआ था। रात्रि लगभग 1  बजे जयप्रकाश गुस्से में आकर  मुनेश्वरी जब नींद में थी तब  टांगी से गर्दन में कई बार मार कर मुनेश्वरी का हत्या कर दिया है। मामले मे  चौकी कुन्नी थाना लखनपुर मे अपराध क्रमांक 185/25 धारा 103(1) बी. एन. एस. के तहत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।  कार्रवाई में थाना प्रभारी लखनपुर निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, उप निरीक्षक के. के. यादव, चौकी प्रभारी कुन्नी सहायक उप निरीक्षक डेविड मिंज, सहायक उप निरीक्षक सिदयुस लकड़ा, प्रधान आरक्षक रवि सिंह, प्रधान आरक्षक बलभद्र ठाकुर, आरक्षक राकेश एक्का, मानसिंह, राजकुमार, रामरूप यादव सक्रिय रहे।

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