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अंबिकापुर में वन भूमि को निजी जमीन बताकर 41 लोगों को स्टांप में बेचा ... मुख्य आरोपी रशीद गिरफ्तार..! 6 माह पूर्व अवैध अतिक्रमण पर चला था बुलडोजर

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  अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।। 4 जनवरी 2026।।

  संभाग मुख्यालय  अंबिकापुर में कोतवाली पुलिस ने शासन की वन भूमि को अपनी निजी संपत्ति बताकर 41 अल्पशिक्षित लोगों से लाखों रुपये ठगने के मामले में मुख्य आरोपी मो. रशीद को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने 2008 से 2022 तक अपने परिवार के सदस्यों की मदद से चोरका कछार के ग्राम रनपुरखुर्द के तकियापारा क्षेत्र में स्थित वन भूमि को बेचकर करोड़ों की धोखाधड़ी की। प्रत्येक व्यक्ति से औसतन 1.50 लाख रुपये लेकर फर्जी बिक्री विलेख तैयार किए गए थे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 120बी और 201 भादंस जोड़कर सख्त कार्रवाई की है। इस संबंध में वरिष्ठ पार्षद आलोक दुबे के द्वारा भी प्रशासन से तथ्यों के साथ शिकायत की गई थी। 

ऐसे ही ठगी

मुख्य शिकायतकर्ता नेजारूदीन अंसारी निवासी  वार्ड नं. 10, तकियापारा, बेनिपुर रनपुरखुर्द, थाना अंबिकापुर ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 15-20 साल पहले वे और अन्य लोग अंबिकापुर आकर किराए के मकानों में रहते हुए कमाई कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी मो. रशीद ने झूठे आश्वासनों के साथ शासन की वन भूमि को अपनी निजी जमीन बताकर बेचना शुरू कर दिया। आरोपी ने रनपुर और खैरबार क्षेत्र के 41 लोगों को यह भ्रम दिया कि जमीन उनके वैधानिक स्वामित्व वाली निजी संपत्ति है और इसे कानूनी रूप से खरीदा जा सकता है। अल्पशिक्षित और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का फायदा उठाते हुए फर्जी विक्रय अनुबंध और बिक्री विलेख तैयार किए गए। प्रत्येक खरीदार से लगभग 1.50 लाख रुपये वसूले गए, जिससे कुल ठगी की राशि करोड़ों में पहुंच गई। शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया कि खरीदारों को पता ही नहीं था कि यह वन भूमि है, जो कानूनन निजी स्वामित्व में नहीं आ सकती और न ही बेची जा सकती है।

मामला उजागर हुआ तो दी धमकी

ठगी का पर्दाफाश होने के बाद मो. रशीद ने खरीदारों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। उसने सभी से मूल बिक्री विलेख और दस्तावेज वापस मांग लिए, साथ ही धमकियां देकर उन्हें डराने की कोशिश की। यह कृत्य धोखाधड़ी, छल, आपराधिक षड्यंत्र और अवैध लाभ कमाने की श्रेणी में आता है। शिकायत पर पुलिस ने तुरंत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की।

 दस्तावेज जलाया

विवेचना में प्रार्थी और गवाहों के बयानों तथा जब्त दस्तावेजों के आधार पर आरोपी मो. रशीद (उम्र 46 वर्ष, पिता स्व. अली मोहम्मद, निवासी रनपुरखुर्द तकियापारा, अंबिकापुर) के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले। थाने तलब कर पूछताछ की गई, जहां आरोपी ने जमीन का पट्टा या कोई वैधानिक दस्तावेज पेश नहीं कर सका। उसने स्वीकार किया कि खरीदारों से लिए गए एग्रीमेंट की मूल कॉपी-स्टांप पेपर को जला दिया था। इससे धारा 201 भादंस (सबूत नष्ट करने) भी जोड़ी गई। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

यह रहे सक्रिय 

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकांत सिन्हा के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक विवेक पांडेय, सहायक उपनिरीक्षक अदीप प्रताप सिंह, आरक्षक किशोर तिवारी, संजीव पांडेय और शिव राजवाड़े ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

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