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सरगुजा पुलिस की फुर्तीली कार्रवाई .. चंद घंटों में अपहृत युवती बरामद, मध्यप्रदेश के चार आरोपी गिरफ्तार ... अंबिकापुर में हुई थी वारदात

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अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक ।। 16 जनवरी 2026।। 

छत्तीसगढ़ के संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में एक युवती के अपहरण की घटना ने सनसनी फैला दी, लेकिन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में गांधीनगर और मनेन्द्रगढ़ थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने महज चंद घंटों में मामला सुलझा लिया। अपहरणकर्ताओं को बीच रास्ते दबोच लिया गया और युवती को सही सलामत बरामद कर लिया गया। चारों अंतरराज्यीय आरोपी सभी मध्यप्रदेश के निवासी हैं , जो गिरफ्तार हो चुके हैं। घटना 15 जनवरी 2026 की शाम फुन्दुरडिहारी तुर्रापानी थाना गांधीनगर  में घटी। प्रार्थी हिरालाल साहू ने बताया कि उनके किराये के मकान में करीब 15 दिन से रह रही एक युवती पास के इलाके में काम करती थी। शाम को अचानक हंगामा मच गया। आसपास के लोगों ने देखा कि कुछ लोग रास्ता रोककर युवती को जबरन एक स्विफ्ट डिजायर कार नंबर MP 13 CC 4342  में बिठाकर ले गए। युवती के चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनाई दीं और कुछ ग्रामीणों ने कार का पीछा भी किया, जो सरगुजा- सकालो रोड की ओर भागी। डरते हुए हिरालाल साहू थाना गांधीनगर पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल  धारा 126(2), 140(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया। प्रार्थी ने आशंका जताई कि युवती के साथ कोई अनहोनी हो सकती है।

 पुलिस ने की तत्काल कार्रवाई

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल  ने सूचना मिलते ही जिला मुख्यालय के सभी आउटर रास्तों और सीमावर्ती जिलों में कड़ी नाकेबंदी के निर्देश जारी कर दिए। गांधीनगर थाना टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में साफ दिखा कि आरोपी युवती को जबरन कार में धकेल रहे थे। साइबर सेल से तकनीकी जानकारी जुटाई गई, जिसमें पता चला कि अपहृत युवती कोरिया- मनेन्द्रगढ़ रोड की ओर ले जाई जा रही है। पुलिस ने कार का पीछा शुरू किया और कंट्रोल रूम के जरिए अन्य जिलों को वायरलेस और फोन पर अलर्ट किया। मनेन्द्रगढ़ थाना स्टाफ ने सही जगह नाकेबंदी की और कार को रोक लिया। कार में युवती मिली, जो पुलिस देखते ही रोने लगी। गांधीनगर टीम मौके पर पहुंची और चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

विवाहित प्रेमी मास्टर माइंड

महिला अधिकारी से पूछताछ में युवती ने खुलासा किया कि मुख्य आरोपी रामप्रसाद तंवर और उसके तीन साथियों ने उसे खींचकर कार में बिठाया था। आरोपियों ने धमकी दी थी कि उसे जान से मारकर फेंक देंगे। पूछताछ में रामप्रसाद ने कबूल किया कि वह शादीशुदा है, लेकिन कुछ वर्ष पहले युवती से उसकी जान-पहचान हुई थी। दोनों को एक-दूसरे से पसंद आ गए थे और उसने शादी का प्रस्ताव दिया। युवती को उसकी शादी की जानकारी मिलने पर उसने इंकार कर दिया, जिससे रामप्रसाद नाराज हो गया। उसने मध्यप्रदेश से अपने तीन साथियों को बुलाया, एक परिचित से कार ली और अंबिकापुर आकर अपहरण को अंजाम दिया। 

यह हैं गिरफ्तार आरोपी 

आरोपियों में रामप्रसाद तंवर 32 वर्ष भवानीपुरा, थाना भोजपुर राजगढ़ मप्र,  लाल चंद्र 26 वर्ष भौईकला थाना वालंता, जलावड़ मप्र,कमलेश तंवर 19 वर्ष राजगढ़ मप्र, भवंर लाल 22 वर्ष, विडीवैड, थाना भोजपुर राजगढ़ मप्र शामिल हैं।आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल कार और चार मोबाइल जब्त किए गए। 

यह रहे सक्रिय 

 थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, सहायक उपनिरीक्षक सुभाष ठाकुर, प्रधान आरक्षक रविन्द्र नाथ तिवारी (मनेन्द्रगढ़), महिला आरक्षक प्रिया रानी, आरक्षक विकास सिंह, रमन मंडल, घनश्याम देवांगन, राहुल सिंह, कुंदन पांडेय, अतुल शर्मा, अरविंद उपाध्याय और ऋषभ सिंह ने अहम भूमिका निभाई। 

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