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ब्रेकिंग : अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने अंबिकापुर इंजीनियरिंग कॉलेज में नए कोर्सों को दी मंजूरी: सरगुजा के छात्रों को मिला बड़ा तोहफा

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अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।। 10 फरवरी 2026

 सरगुजा लोकसभा क्षेत्र के युवाओं के लिए खुशखबरी है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद नई दिल्ली ने शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, अंबिकापुर में शैक्षणिक सत्र 2026- 27 से नए तकनीकी और प्रबंधन पाठ्यक्रमों के संचालन की स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह महत्वपूर्ण निर्णय सरगुजा लोकसभा क्षेत्र के  सांसद  चिंतामणि महाराज की सक्रिय पहल और प्रयासों का परिणाम है। इससे क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के द्वार खुलेंगे और स्थानीय छात्रों को बाहर जाने की मजबूरी से निजात मिलेगी।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राम नारायण खरे ने इस उपलब्धि पर समस्त प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह सरगुजा अंचल के शैक्षणिक परिदृश्य में एक ऐतिहासिक कदम है। AICTE की स्वीकृति के तहत कॉलेज में एमबीए कोर्स की शुरुआत हो रही है, जिसमें 30 सीटें उपलब्ध होंगी। विशेष रूप से वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए बी.टेक और एम.टेक कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। बी.टेक में 30 सीटें होंगी, जबकि एम.टेक में 15 सीटें निर्धारित की गई हैं। एम.टेक कार्यक्रम में सिविल इंजीनियरिंग, पावर सिस्टम एवं कंट्रोल तथा माइनिंग इंजीनियरिंग जैसे विशेषज्ञता विषय शामिल हैं। वहीं, बी.टेक में सिविल, इलेक्ट्रिकल और माइनिंग इंजीनियरिंग के कोर्स निर्धारित प्रवेश क्षमता के अनुसार संचालित होंगे। ये कोर्स पार्ट-टाइम मोड में चलाए जाएंगे, ताकि पीडब्ल्यूडी, बीएसएनएल, सिंचाई विभाग और माइनिंग सेक्टर जैसे क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारी आसानी से अपनी नौकरी के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।

इस पहल से छात्रों और पेशेवरों को कई लाभ होंगे। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सरगुजा अंचल में ही उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी और प्रबंधन शिक्षा उपलब्ध हो जाएगी। जनजातीय बहुल इस क्षेत्र में रोजगारोन्मुखी शिक्षा, कौशल विकास और मानव संसाधन निर्माण को बल मिलेगा। छात्रों को बाहरी शहरों जैसे रायपुर या अन्य राज्यों जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी। खासकर दूरस्थ ग्रामीण इलाकों के युवाओं के लिए यह सुनहरा अवसर साबित होगा।

सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने इस स्वीकृति पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि सरगुजा के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत आधार प्रदान करना मेरी प्राथमिकता रही है। AICTE की यह मंजूरी क्षेत्र के विकास की दिशा में मील का पत्थर है। प्राचार्य डॉ. खरे ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी और योग्य उम्मीदवारों को मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। कॉलेज प्रशासन इन कोर्सों के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी की व्यवस्था कर रहा है। यह निर्णय न केवल स्थानीय स्तर पर शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाएगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में तकनीकी क्रांति लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि माइनिंग और पावर सेक्टर पर केंद्रित ये कोर्स क्षेत्र की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करेंगे। सरगुजा विश्वविद्यालय और स्थानीय उद्योगों के साथ समन्वय स्थापित कर प्लेसमेंट के बेहतर अवसर सुनिश्चित किए जाएंगे।



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