बिलासपुर।। खबरी गुल्लक ।।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा की माताजी स्व. श्रीमती कुसुम सिन्हा जी का 15 फरवरी 2026 को स्वर्गारोहण होने पर स्मृति में उनकी आत्मा की शांति के लिए भावपूर्ण शांति हवन का आयोजन मुख्य न्यायाधीश के आवास बोदरी में किया गया। जिसमें न्यायिक बंधुओं, जनप्रतिनिधियों , प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर श्रंद्धाजलि अर्पित किया। वैदिक मंत्रोच्चारण की पवित्र ध्वनियों के बीच शांति हवन संपन्न हुआ। हवन के पश्चात भजन संध्या का आयोजन किया गया,जिसमें भजनों ने वातावरण को दिव्यता प्रदान की। इसके बाद शोक सभा आयोजित की गई, जहां मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की गई। यह समारोह न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान था, बल्कि स्वर्गीय माताजी के सादगीपूर्ण जीवन और पारिवारिक मूल्यों को याद करने का अवसर भी था। शोक सभा को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने अपनी पूज्य माताजी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माताजी का स्नेह, मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद ने सदैव जीवन में कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा एवं सेवा भाव की प्रेरणा दी। उनके सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, संस्कारों एवं पारिवारिक मूल्यों ने हमें हमेशा प्रेरित किया। उनकी स्मृतियां सदैव हमारी शक्ति और प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी। मुख्य न्यायाधीश के इन शब्दों ने सभा में उपस्थित सभी को गहराई से प्रभावित किया।
स्वर्गीय श्रीमती कुसुम सिन्हा एक आदर्श गृहिणी थीं, जिन्होंने अपने परिवार को नैतिक मूल्यों के साथ पाला। उनका निधन छत्तीसगढ़ की न्यायिक और सामाजिक परिधि में एक अपूर्णनीय क्षति के रूप में देखा जा रहा है। उनके जीवन की सादगी और सेवा भावना आज भी युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री भी हुए शामिल
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधि मंत्री गजेंद्र यादव, उच्च न्यायालय के समस्त न्यायाधीशगण, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, विधायक सुशांत शुक्ला, महाधिवक्ता, पुलिस महानिदेशक, उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एवं सचिव, वरिष्ठ अधिवक्तागण, प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीगण, रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री के अधिकारीगण, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायिक अधिकारीगण, जिला न्यायपालिका के न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण, उच्च न्यायालय के कर्मचारीगण एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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