सूरजपुर।। खबरी गुल्लक।। भूपेंद्र राजवाड़े।।
31 मार्च 2026।।
बेटियों के सपनों को पंख लगाने और बाल विवाह की जंजीरें तोड़ने का संकल्प कुबेरपुर के हर कोने में गूंजा। जिला कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग की अगुवाई में 30 मार्च को ब्लॉक ओड़गी के कुबेरपुर में धूमधाम से जागरूकता रैली निकाली गई। UNICEF और Agricon Foundation के सहयोग से चला यह अभियान ग्रामीणों के दिलों में बाल विवाह उन्मूलन की आग जला गया।
रैली की सबसे कास्टिंग तस्वीर
मीडिल स्कूल के नन्हे-मुन्ने कलाकारों ने बाल विवाह विरोधी चित्र बनाकर सड़कों को रंगीन कर दिया! इन भावुक पेंटिंग्स ने ग्रामीणों को झकझोर दिया, मानो बच्चे खुद कह रहे होंहमारा भविष्य हमारी मर्जी से!' सरपंच सुरज लाल, सचिव राम कीसुन बैंस, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और युवोदय स्वयंसेवकों ने एकजुट होकर बाल विवाह मुक्त ग्राम की शपथ ली। घर-घर जाकर उन्होंने साफ संदेश दिया: लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 साल, लड़कों की 21 इससे पहले शादी अपराध है, सजा निश्चित!
गलियों में गूंजे जोरदार नारे
नोनी हा पढ़ही, तभे आगू बढ़ही आओ मिलकर कदम बढ़ाएं, बाल विवाह पर रोक लगाएं! हम सबने ठाना है, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाना है! और बंद हो, बंद हो बाल विवाह बंद हो! ने पूरे गांव को एक जन- आंदोलन में बदल दिया। कार्यक्रम का क्लाइमेक्स सभी को सामूहिक शपथ दिलाने के साथ हुआ।UNICEF जिला समन्वयक हितेश निर्मलकर, ब्लॉक समन्वयक बेलासो प्रजापति, आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक सत्यवती और युवोदय टीम की मेहनत ने इसे सच्चा ग्रामीण क्रांति बना दिया। अब कुबेरपुर सिर्फ गांव नहीं, बल्कि बदलाव का प्रतीक है!



