रायगढ़।।खबरी गुल्लक।।
पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी के अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में सेवानिवृत्त विद्युत अधिकारी से 36.97 लाख रुपये की ठगी के मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनका नेटवर्क देशभर में 1.40 करोड़ से अधिक की ठगी से जुड़ा है।
पुलिस के मुताबिक गिरोह में बंधन बैंक का कर्मचारी राहुल व्यास, उसकी पत्नी नहीं बल्कि रविराज सिंह की पत्नी आरती राजपूत (वेबसाइट डेवलपर), रविराज सिंह चव्हाण, संजय मीणा और गौरव व्यास शामिल हैं। ये सभी राजस्थान के भीलवाड़ा से जुड़े हैं। गौरव व्यास के खाते में 60 लाख रुपये ठगी के पाए गए।
इस तरह हुई ठगी
आरोपी टेलीकॉम अधिकारी, फर्जी आईपीएस और सीबीआई अफसर बनकर वीडियो कॉल पर संपर्क करते थे। मनी लॉन्ड्रिंग, कानूनी कार्रवाई और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर पीड़ितों को मजबूर करते थे। गूगल वीडियो और वेबसाइटों से ठगी के तरीके सीखे गए।
फरवरी 2026 में रायगढ़ के सेवानिवृत्त विद्युत पर्यवेक्षक नरेंद्र ठाकुर को निशाना बनाया गया। 30 जनवरी से 11 फरवरी के बीच 36,97,117 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवाए गए। 17 फरवरी को साइबर थाने में शिकायत दर्ज हुई, पुलिस ने 2 लाख रुपये होल्ड कराए।
पुलिस कार्रवाई
साइबर थाने की टीम ने बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों से भीलवाड़ा पहुंची, राहुल व्यास को पकड़ा। उसके बयानों से बाकी सदस्य गिरफ्तार। सभी के बैंक खाते सीज, 7 मोबाइल और 1 लैपटॉप जब्त। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तार बताया।
## गिरोह का इतिहास
आरती राजपूत 2007 से मनिकेलाल वर्मा महाविद्यालय भीलवाड़ा की पूर्व छात्रा। संदिग्ध ट्रांजेक्शन से साइबर ठगों से जुड़े, फिर खुद ठगी सीखी। देशभर में कुल 1 करोड़ 40 लाख 77 हजार 300 रुपये की ठगी का खुलासा। पुलिस ने सतर्कता बरतने की अपील की।[1]



