अंबिकापुर। माँ भीमेश्वरी देवी (बेरीवाली) का प्रथम महा मंगलपाठ 12.मार्च 2024 मंगलवार को अंबिकापुर के रिंग रोड स्थित होटल पर्पल आर्चिड में अलौकिक श्रृंगार के साथ भव्य आयोजन होगा। कार्यक्रम में मुम्बई की सुप्रसिद्ध मंगलपाठ वाचिका व टीम द्वारा माता की कृति का संगीतमय बखान किया जाएगा। माँ बेरी सेवा समिति, सरगुजा संभाग द्वारा सरगुजा के समस्त बेरी वाली माता भक्तों के सहयोग से कुल देवी का महा मंगलपाठ का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन समिति ने बताया कि माँ बेरीवाली के सरगुजा के साथ साथ छत्तीसगढ़ में भी हज़ारों भक्त हैं। विश्व में माता बेरी वाली की मान्यता है। सरगुजा के भक्तों द्वारा अपनी कुल देवी का मंगलपाठ का आयोजन किया है जो कि सरगुजा ही नही छत्तीसगढ़ में भी प्रथम आयोजन होगा। मंगलपाठ का आयोजन स्थानीय होटल पर्पल आर्चिड में मंगलवार 12 मार्च को दोपहर 1 बजे से पप्पू महाराज के सानिध्य में पूजा अचर्ना कर आरम्भ किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान छप्पन भोग, सवामनी, अलौकिक श्रृंगार, महाआरती, माता की रसोई, गजरा उत्सव, मेहंदी उत्सव, चुनरी उत्सव का भी आयोजन होगा। उक्त सभी उत्सव के साथ साथ मुम्बई की प्रसिद्ध मंगलपाठ वाचिका डिम्पल अग्रवाल द्वारा अपनी टीम के साथ मंगलपाठ की प्रस्तुति दी जाएगी।
भीम द्वारा की गई थी स्थापना आयोजन समिति ने बताया कि बताया जाता है कि धार्मिक मान्यता के मुताबिक माँ बेरी वाली देवी को भीमेश्वरी नाम दिया गया है क्योंकि देवी की मूर्ति स्थापना पांडव पुत्र भीम द्वारा स्थापित की गई थी। ऐसा माना जाता है कि महाभारत युद्ध की शुरुआत से पहले, भगवान श्री कृष्ण ने भीम से अपने कुलदेवी को कुरुक्षेत्र के युद्ध के मैदान में लाने और उससे आशीर्वाद लेने के लिए कहा। इसलिए, भीम ने हिंगले पहाड़ के पास गए और अपने कुलदेवी से युद्ध के मैदान में जाने का अनुरोध किया। व माता की मूर्ति को रास्ते में बेरी के पेड़ के पास रख दिया व मूर्ति स्थापित हो गयी। जिससे माता बेरी वाली के नाम से जाने जानी लगी। समिति ने समस्त माता भक्तो से आयोजन में शामिल होने की अपील की है।



