अंबिकापुर। कलेक्टर विलास भोस्कर के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सरगुजा नूतन कुमार कंवर के नेतृत्व में राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर के निर्देशानुसार “उल्लास” नव भारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत नवसाक्षर शिक्षार्थियों के आंकलन हेतु सरगुजा जिले में राष्ट्रव्यापी बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा आयोजित किया गया। साक्षर बनने परीक्षा में न सिर्फ नन्हे बच्चों के साथ मां शामिल बल्कि सास, ससुर, दादा, दादी , नाना, स्वच्छता दीदी भी उत्साह से शामिल हुए। महापरीक्षा अभियान का अवलोकन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नूतन कंवर, अपर कलेक्टर सुनील नायक व डिप्टी कलेक्टर बनसिंह नेताम द्वारा किया गया। उन्होने स्वच्छता दीदीयों का उत्साहवर्धन किया। महापरीक्षा हेतु 178 केन्द्र बनाए गए थे, जिसमें 8000 शिक्षार्थियों का लक्ष्य था, जिसमें लगभग 5920 सम्मिलित हुए। परीक्षा के सफलता पूर्वक एवं गुणवत्ता पूर्ण सम्पादन के लिए जिला स्तरीय प्रभारी, ब्लॉक स्तरीय मॉनीटरिंग दल के साथ-साथ ग्राम पंचायत स्तर से भी मॉनीटरिंग की गई। जिला शिक्षा अधिकारी एके सिन्हा, परियोजना अधिकारी गिरीश गुप्ता ने बताया कि महापरीक्षा में एकल, विधवा, परित्यक्ता एवं स्व सहायता समूह की असाक्षर महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई केन्द्रों में एक ही परिवार से कई लोगों ने मिलकर परीक्षा दिया। महापरीक्षा अभियान में 70 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं ने भी पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। साथ ही स्वच्छता दीदियों के द्वारा भी महापरीक्षा में हिस्सा लिया गया।
171 कैदियों ने भी दिया परीक्षा
जेल अधीक्षक योगेश सिंह परिहार ने बताया कि केन्द्रीय जेल अम्बिकापुर में भी परीक्षा केन्द्र स्थापित किया गया था। जिसमें 147 पुरुष एवं 24 महिला कुल 171 नवसाक्षर कैदी को इस महापरीक्षा अभियान में सम्मिलित कराया गया। इस दौरान जिला पंचायत एपीओ सीके मिश्रा, गिरीश गुप्ता जिला परियोजना अधिकारी (साक्षरता), उप जेल अधीक्षक आरआर मतलागे, कल्याण अधिकारी वाणी मुखर्जी, डॉ. फारूख फिरदौसी, डिगम्बर सिंह, परीक्षा केन्द्र के पर्यवेक्षक सत्यनारायण भगत एवं नीतु बड़ा उपस्थित रहें।
शाला त्यागी 15 साल से अधिक आयु के बच्चे भी हुए शामिल
परीक्षा में 15 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे परीक्षार्थी शामिल हुए जो शिक्षा मुख्य धारा से कटे हुए थे या जो प्रांरभ से ही शाला त्यागी थे, अथवा साक्षरता कक्षा में पठन-पाठन किया हो, उन्हें इस महापरीक्षा अभियान में सम्मिलित कराया गया। शिक्षार्थियों को प्रश्न पत्र हल करने के लिए 3 घंटे का समय दिया गया। प्रश्न पत्र तीन भाग में है पहला- पढ़ना, दूसरा- लिखना, तीसरा- गणित। प्रत्येक भाग 50 अंको का था, जिसमें प्रत्येक भाग में न्यूनतम 20-20 अंक प्राप्त करने वाले नवसाक्षर ही सफल हो पाएगें।
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान व राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण देगा प्रमाण पत्र
जिला परियोजना अधिकारी श्री गिरीष गुप्ता ने बताया कि सरगुजा जिले में इस परीक्षा के लिए 8000 परीक्षार्थियों ने पंजीयन कराया था। इनमें से 5920 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। उन्होंने यह भी बताया कि इस परीक्षा में सास-बहू, देवरानी-जेठानी, बुजुर्ग, दिव्यांग, नव विवाहिता, तीन पीढ़ी वाले षिक्षार्थियों ने बड़ी संख्या में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। परीक्षा में ए एव बी ग्रेड प्राप्त करने वाले शिक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान व राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।
सोनतराई में 754 ने दी परीक्षा
अनुविभागीय अधिकरी राजस्व, (सीतापुर) रवि राही द्वारा भी माध्यमिक शाला सोनतराई में आयोजित महापरीक्षा का अवलोकन किया गया। इस दौरान महिला, पुरुष बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विकासखण्ड परियोजना अधिकारी, प्रेम कुमार गुप्ता ने बताया कि सीतापुर में 21 परीक्षा केन्द्र बनाये गये थे। जिसमें 1000 लोगो का सम्मिलित करने का लक्ष्य रखा गया। जिसमें लगभग 754 लोग इस महापरीक्षा अभियान में सम्मिलित हुए। महापरीक्षा के सफल क्रियान्वयन हेतु विकासखण्डों की मॉनिटरिंग जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डाईट , जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियो, कंट्रोल रूम प्रभारी रजनीश मिश्रा अभिलाश खरे द्वारा समय-समय पर सम्मिलित परीक्षार्थियों की जानकारी राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण को प्रेषित की गई।



