मोटर दुर्घटना में घनश्याम खलखो की मृत्यु कारित हो जाने से मृतक की पत्नी अनुपा खलखो, मृतक के पुत्र, बहन एवं माता-पिता द्वारा मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा-166 के तहत 78,80,000/- रूपये क्षतिपूर्ति दिलाये जाने का दावा अनावेदक अलमीन, ज्योति प्रकाश एवं कोटक जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के विरूद्ध प्रकरण प्रस्तुत किया गया था, जिसमें दिनांक 10.05.2025 को आयोजित लोक अदालत में आवेदकगण ने अना.क्र.-2 बीमा कंपनी से खण्डपीठ क्र.1 के पीठासीन अधिकारी श्री के.एल. चरयाणी, सदस्य श्री राकेश कुमार शर्मा एवं श्री आबिद खान के समक्ष स्वेच्छा से 18,00,000/-रूपये में राजीनामा किया है। राजीनामा के कारण प्रकरण का निराकरण मात्र 03 माह 16 दिवस के भीतर संभव हो सका है।राजीनामा के अनुसार क्षतिपूर्ति की राशि 18,00,000/- (अक्षरीः अट्ठारह लाख) रूपये में से आवेदिका क्र.-1 अनुपा खलखो रूपये 7,00,000/-, आवेदक क्र.-2 एहीयान खलखो रूपये 7,50,000/- रूपये, आवेदिका क्र.-3 जूली खलखो रूपये 2,00,000/- प्राप्त करेगी तथा आवेदक क्र.-5 अजय रूपये 1,50,000/- प्राप्त करेगा।
आवेदिका क्र.-1 अनूपा खलखो को मिलने वाली राशि 7,00,000/- में से रूपये 2,50,000/- को परिवार के दैनिक खर्च व अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु उसे एकाउंट पेयी चेक के माध्यम से नगद अदा की जायेगी एवं उसके हिस्से की शेष राशि में से रूपये 2,00,000/- को तीन वर्ष की अवधि हेतु एवं रूपये 2,50,000/- को पाँच वर्ष की अवधि हेतु उसके नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में सावधि जमा खाते में जमा रहेगी, जिस पर अधिकरण की अनुमति के बिना कोई ऋण या भार स्वीकृत नहीं होगा तथा सावधि जमा राशि की समय पूर्व निकासी अधिकरण की अनुमति के बिना नहीं होगी।
आवेदक क्र.-2 एहीयान को मिलने वाली सम्पूर्ण राशि 7,50,000/- रूपये को उसके नाम से उसके व्यस्क होने तक की अवधि हेतु किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में सावधि जमा खाते में जमा रहेगी, जिस पर अधिकरण की अनुमति के बिना कोई ऋण या भार स्वीकृत नहीं होगा तथा सावधि जमा राशि की समय पूर्व निकासी अधिकरण की अनुमति के बिना नहीं होगी।
आवेदिका क्र.-3 जूली खलखो को मिलने वाली राशि 2,00,000/- रूपये में से रूपये 50,000/- को एवं आवेदक क्र.-5 अजय को मिलने वाली राशि में से 1,50,000/-रूपये में से 75,000/- रूपये को उनके परिवार के दैनिक खर्च व अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु उन्हें एकाउंट पेयी चेक के माध्यम से नगद अदा की जायेगी। आवेदिका क्र.-3 के हिस्से की शेष राशि को तीन वर्ष की अवधि हेतु एवं आवेदक क्र.-5 के हिस्से की शेष राशि को दो वर्ष की अवधि हेतु उनके पृथक-पृथक नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में सावधि जमा खाते में जमा रहेगी, जिस पर अधिकरण की अनुमति के बिना कोई ऋण या भार स्वीकृत नहीं होगा तथा सावधि जमा राशि की समय पूर्व निकासी अधिकरण की अनुमति के बिना नहीं होगी।
क्षमा विरस्य भूषणं की भावना को चरितार्थ करने वाली इस हाइब्रिड नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन में सहयोग हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अंबिकापुर सरगुजा के द्वारा जिला , पुलिस प्रशासन एवं कर्मचारीगण का आभार व्यक्त किया गया।



