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बिग ब्रेकिंग : सूरजपुर स्वास्थ्य विभाग में 83.21 लाख का घोटाला ... सीएमएचओ,लिपिक, फार्मासिस्ट, फर्जी कंपनी के संचालक सहित 4 पर fir दर्ज

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सूरजपुर। खबरी गुल्लक।। 11 मई 2025।। (भूपेंद्र राजवाड़े जिला प्रतिनिधि सूरजपुर)

 सूरजपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग में ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना के नाम पर फर्जी कंपनी के नाम पर कूट रचित दस्तावेजों से 83 लाख 21 हजार रुपए जारी कर गबन किए जाने के मामले में पुलिस ने आरोपी तत्कालीन लिपिक जेम्स कुमार बेक , विजय सिन्हा सेवानिवृत् लेखपाल,  सकिरन दास फार्मालिस्ट , रनसाय सिंह मुख्य स्वास्थ्य एव चिकित्सा अधिकारी सूरजपुर और  आशीष कुमार बोस यूनिक इंडिया दन्तेवाडा के खिलाफ धारा 419, 420,467 ,468,471, 120 वी भा.द. स. के तहत अपराध दर्ज किया है। 

दर्ज fir में उल्लेख किया गया है कि प्रार्थी जयंत चौधरी प्रोपराईटर युनिक इंडिया कम्पनी ग्राउण्ड फ्लोर पण्डारी, रायपुर द्वारा डा. रनसाथ सिंह पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सूरजपुर, जेम्स बेक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालय सुरजपुर , आशीष कुमार बोस पिता ए. के. बोस निवासी बचेली जिला दन्तेवाड़ा एवं डा. कपील देव पैकरा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के विरूद्ध कान्ट्रेक्ट के कार्यादेश पूर्ण करने पर भुगतान होने वाली राशि 83,21,000 रु की धोखाधड़ी करते हुये दस्तावेजो की कूटरचना कर गबन किये जाने का आरोप लगा  पुलिस महानिरीक्षक  सरगुजा से शिकायत की गई थी। आईजी के द्वारा  पुलिस अधीक्षक कार्यालय सूरजपुर को जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। जिससे सूरजपुर पुलिस द्वारा जब आरोपों की जांच की तो उक्त राशि के गबन की पुष्टि हुई। पुलिस ने दर्ज fir में उल्लेख किया है कि  जिला चिकित्सालय सूरजपुर में केन्द्रीय कृत ऑक्सीजन प्लॉट की स्थापना हेतु वास्तविक निविदा फर्म जयंत चौधरी यूनिक इंडिया कम्पनी, ग्राउंड प्लोर शाप नम्बर जी 13 प्रज्ञा काम्पलेक्स पण्डरी रायपुर जीएसटी नम्बर 22AGNPC9076B1ZM था परन्तु इसी नाम से मिलते जुलते आशीष कुमार बोस के फर्म यूनिक इंडिया कम्पनी, दन्तेवाडा छ.ग. जीएसटी नम्बर 22ALNPB1746L2Z5 के एक्सिस बैंक के खाता क्रमांक 92102***** में दिनांक 05.01.2022 राशि 50,00,000 रूपये एव दिनांक 31.01.2022 राशि रूपये 31,85,881 रू कुल रूपया 81.85,881 रु का भुगतान किया गया। कार्यालय मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी से प्राप्त दस्तावेजो के आधार पर आवेदक जयंत चौधरी के साथ धोखाधड़ी किया जाना दर्शित है। जांच में सलग्न समस्त दस्तावेजों के आधार पर तत्कालिन लिपिक जेम्स कुमार बेक सहायक वर्ग 02, श्री विजय सिन्हा सेवानिवृत्त लेखपाल एंव सकिरन दास, फार्मालिस्ट ग्रेड 2 तथा मुख्य स्वास्थ्य एव चिकित्सा अधिकारी रनमसाय सिंह के द्वारा अपराधिक षडयंत्र कर कूटरचित दस्तावेजो के आधार पर आशीष कुमार बोस यूनिक इंडिया दन्तेवाडा को 81,85,881 रू0 की शासकीय राशि का गलत भुगतान किया गया, वर्तमान मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्साधिकारी कपिल देव पैकरा की पदस्थापना दिनांक 29.07.2024 को हुई है जबकि टेण्डर एवं राशि भुगतान की प्रक्रिया दिनाक 13.09.2021 से 01.02.2022 के मध्य तत्कालिक मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्साधिकारी आर.एस. सिंह के पदस्थापना के समय की है जांच दस्तावेज के आधार पर आरोपीगणो का कृत्य प्रथम दृष्ट्या अपराध धारा 419,420,467,468,471,120 वी भा.द. स. का कारित करना होना पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। 

इस तरह हुई धोखाधड़ी

आवेदक जयंत चौधरी, प्रोपराईटर यूनिक इंडिया कम्पनी, पता ग्राउण्ड फ्लोर, शाप नं. G 13, प्रज्ञा कॉपलेक्स, पण्डरी, रायपुर, जिला रायपुर छ.ग. अनावेदकगण 01. डॉ. रनसाय सिंह पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सूरजपुर, जिला सूरजपुर छ.ग. 2. जेम्स बेक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालय, सूरजपुर जिला सूरजपुर छ.ग. मो. नं. दंतेवाड़ा छ.ग, 03. आशीष कुमार बोरा आ. ए. के. बोस, निवासी RES कॉलोनी, थाना बचेली, जिला-04. डॉ. कपील देव पैकरा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सूरजपुर जिला सूरजपुर छ. ग. विषय अनावेदकगण द्वारा आपसी साठ गाठ करके आवेदक को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सूरजपुर, जिला सूरजपुर छ. ग. से प्राप्त कांट्रेक्ट के कार्यदिश पूर्ण करने पर भूगतान होने वाली राशि मो. 83,21,000/ रुपये का छल पूर्वक धोखाधड़ी करते हुए दस्तावेजो की कूट रचना कर गबन किये जाने संबंध में। महोदय, उपरोक्त आवेदक की ओर से नम्न निवेदन प्रस्तुत है 01 यह कि आवेदक उपरोक्त फर्म का संचालक है तथा उक्त फर्म GST में दिनांक-01.07. 2017 से पंजीकृत है जिसका GST रजिस्ट्रेशन नं. 22AGNPC9076B1ZM है तथा आवेदक अपने द्वारा संचालित फर्म से शासकीय कार्यों के टेंडर के माध्यम से कांट्रेक्ट प्राप्त कर कांट्रेक्ट की वस्तुओ की सप्लाई का कार्य करता है।02 यह कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सूरजपुर, जिला-सूरजपुर छ.ग. द्वारा GeM ऑनलाइन पोर्टल पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सूरजपुर, जिला सूरजपुर छ.ग. में MGPS संयंत्र स्थापित करने के लिए ऑनलाईन टेंडर निकाला गया था जिसमे आवेदक द्वारा अपने फर्म के नाम से टेंडर प्राप्त करने हेतु फार्म जमा किया गया था जो कि उक्त टेंडर कुल 83,21,000 रुपये की लागत में कार्य पूर्ण करने के लिए आवेदक के फर्म को दिनांक 13.09.2021 को प्राप्त हुआ था। आवेदक को उक्त टेंडर के प्राप्त होने पर विभाग द्वारा आवेदक को कार्यादेश का पालन करने हेतु टेंडर मे दिये गये संयंत्र के सभी समानों को संयंत्र के स्थापित होने वाली जगह पर भेजने को कहा गया जिसके पालन में आवेदक द्वारा संयंत्र के सामानों को एकत्र कर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सूरजपुर, जिला-सूरजपुर छ.ग. मे संयंत्र स्थापित होने वाले स्थान पर पहुंचा दिया गया तत्पश्चात् कुछ समय पश्चात् आवेदक द्वारा संयंत्र की स्थापना कर कांट्रेक्ट का कार्य पूर्ण कर दिया गया। 04 यह कि आवेदक द्वारा कांट्रेक्ट कार्य पूर्ण कर लेने के पश्चात् विभाग से जब कांट्रेक्ट की राशि की मांग की जाने लगी तो अनावेदक क्र.01 व 02 द्वारा लगातार आवेदक के साथ भूगतान को लेकर टाल-मटोल किया जाने लगा जिससे परेशान होकर आवेदक द्वारा ऑनलाईन पोर्टल पर कांट्रेक्ट निरस्ति हेतु एक आवेदन डाला गया और उसकी पावती प्राप्त की गयी तब कुछ समय पश्चात् आवेदक को ज्ञात हुआ की उक्त कांट्रेक्ट पूर्ण हो चुका है और कांट्रेक्ट की सम्पूर्ण राशि का भूगतान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सूरजपुर, जिला सूरजपुर छ.ग. द्वारा आवेदक की फर्म को कर दिया गया है। जिस पर आवेदक को जानकारी प्राप्त होने पर आवेदक द्वारा उक्त भूगतान के संबंध मे सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त की गई जिसमे आवेदक को जानकारी प्राप्त हुई की उक्त कांट्रेक्ट की राशि 83,21,000/ यूनिक इंडिया कंपनी, पता RES कॉलोनी, थाना बचेली, जिला दंतेवाड़ा छ.ग. जो कि अनावेदक क्र. 03 के नाम से GST पंजीकृत है जिसका GST नं. 22ALNPB1746L 2Z5 के एक्सिस बैंक के खाता क्र 92102***** • में ट्रांसफर कर दिया गया है जबकि उक्त कांट्रेक्ट आवेदक के फर्म को प्राप्त हुआ था और जिसमे सामानो का सफलता पूर्वक स्थापना कर संयंत्र लगाने का कार्य आवेदक द्वारा ही किया गया था को न करके अनावेदक क्र. 03 को कर दिया गया है।05-यह कि अनावेदक क्र. 03 द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सूरजपुर, जिला-सूरजपुर छ.ग. के अकाउन्टेंट अनावेदक क्र.02 के साथ मिलकर आवेदक की फर्म को भूगतान की जाने वाली राशि भी 83,21,000 रुपये का फर्जी तरीके छलपूर्वक धोखाधड़ी करने के आशय से अनावेदक क्र. 01 डॉ. स्नसाय सिंह जो पुर्व मे उक्त दिनांक को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सूरजपुर के पद पर पदस्थ को अपने साथ मिलाकर आवेदक के फर्म के नाम पर ही अनावेदक क्र. 03 को प्रोपराईटर बनाकर उसी नामक का दूसरा फर्म का GST पंजीयन दिनांक 08.12.2021 को कराकर उका GST नंबर से सप्लाई किये गये सामानो का फर्जी बिल बनाकर तथा उक्त GST पंजीयन के आधार पर फर्म का बैंक अकाउंट खुलवाकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सूरजपुर जिला सुरजपुर छ.ग. से आवेदक को भूगतान होने वाली राशि मो. 83.21.000 को अनावेदक क.03 द्वारा अनावेदक क्र. 01 व अनावेदक क्र. 02 के साथ मिलकर आवेदक एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सूरजपुर, जिला-सूरजपुर छ. ग. के साथ धोखाधडी कर कांट्रेक्ट की राशि छल पूर्वक गलत तरीके से गबन कर लिया गया है। 06 यह कि कांट्रेक्ट लेटर जो कि आवेदन के साथ संलग्न है के अवलोकन से ही स्पष्ट है कि उक्त कांट्रेक्ट आवेदक के द्वारा संचालित फर्म यूनिक इंडिया कम्पनी, पता ग्राउण्ड फ्लोर शॉप नं. G 13, प्रज्ञा कोपलेक्स, पण्डरी, रायपुर, जिला रायपुर छ, ग. जिसका GST रजिस्ट्रेशन नं. 22A GNP C90 76B1ZM है को प्राप्त हुआ था न कि अनावेदक क्रमांक 01 के फर्म यूनिक इंडिया कंपनी, पता RES कॉलोनी, थाना-बचेली, जिल दंतेवाडा छ.ग. जिसका GST नं. 22ALNPB1746L2Z5 को। 07 यह कि अनावेदक क्र. 01 द्वारा छल पूर्वक राशि गबन करन उद्देश्य से ही यूनिक इंडिया कंपनी के नाम से ही का पंजीयन कराया गया था जो दिनांक 08.12.2021 को GST में पंजीकृत हुआ था जिसका GST नं.22ALNPB1746L2Z5 है। जबकि अनावेदक क्र. 01 की कंपनी टेंडर दिनांक और कार्यदिश की पूर्णताः तक अस्तित्व मे नही थी। 08 यह कि अनावेदक क्र. 03 को जो कांट्रेक्ट की राशि मो. 83,21,000 रुपये का भुगतान अनावेदक क्र. 01 व 02 के माध्यम से किया गया था उसकी सही होने की जॉच अनावेदक क्र. 01 व 02 द्वारा नहीं किया गया और न ही यह जाँच किया गया कि जो कांट्रेक्ट की राशि मो. 83,21,000 रुपये का भुगतान विभाग के माध्यम से अनावेदक क्र. 01 व 02 द्वारा किया जा रहा है वह सही व्यक्ति अथवा फर्म को किया जा रहा है या नहीं, बल्कि अनावेदक क्र. 01 एवं 02 द्वारा बिना कोई जॉच किये कांट्रेक्ट की राशि मो. 83.21.000 रुपये का भुगतान अनावेदक क्र. 03 के फर्म को उसके द्वारा बनाये गये फर्जी बिल के आधार पर कर दिया गया। 09 यह कि आवेदक को जब उक्त कृत्यों की जानकारी हुई तब तक अनावेदक क्र. 01 डॉ. रनसाय सिंह के स्थान पर अनावेदक क्र. 04 डॉ. कपील देव पैकरा का मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सूरजपुर, जिला सूरजपुर छ.ग. के पद पर पदस्थापना हो गया था तब आवेदक द्वारा अनावेदक क्र. 04 को उक्त भूगतान के संबंध मे जाँच कराये जाने हेतु मौखिक निवेदन किया गया जिस पर अनावेदक क्र. 04 द्वारा आवेदक का यह विश्वास दिलाया गया कि जल्द ही मामले की जाँच कराई जायेगी तथा टेंडर की राशि का भूगतान सही फर्म के खाते में कराया जायेगा, तत्पश्वात् अनावेदक क्र. 04 के द्वारा मामले की जाँच भी करायी गयी जिसमे अनावेदक क्र. 04 द्वारा पाया गया कि राशि का भूगतान वास्तविकता में किसी अन्य फर्म को हो गया जिसके संबंध में उसके द्वारा दिनांक 24.09.2024 को राशि के गलत भूगतान के संबंध में एक पत्र भी 24.09.2024 को जारी किया गया था। 10 यह कि अनावेदक क्र. 04 द्वारा राशि के गलत भूगतान के संबंध में पत्र जारी किये जाने के काफी समय व्यतित हो जाने के पश्चात् जब आवेदक की फर्म को राशि का भुगतान नही किया गया तब आवेदक राशि के भुगतान के संबंध में अनावेदक क्र. 04 से जानकारी लेने गया तो उसके द्वारा आवेदक को गोल-मोल जवाब दिया जा रहा जिससे अनावेदक क्र.04 प्रथम दृष्टया ही अन्य अनावेदक क्र. 01. 02 एवं 03 से अनुचित मेल-मिलाप होना प्रदर्शित होता है। 11. यह कि उक्त कृत्यो से स्पष्ट है कि अनावेदक क्र. 03 ने अनावेदक क्र. 01 व 02 के साथ मिलकर आवेदक एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सूरजपुर, जिला सूरजपुर छ.ग. से छल पूर्वक धोखाधड़ी करते दस्तावेजो की कुट रचना करते हुए आवेदक को भूगतान होने वाली राशि का गबन करने के उद्देश्य से कांट्रेक्ट की राशि मो. 83,21,000 रुपये छल पूर्वक अनावेदक क्र. 03 द्वारा प्राप्त कर लिया गया तथा मामले को छुपाने के लिए वर्तमान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सूरजपुर, जिला-सूरजपुर छ.ग. अनावेदक क्र. 04 को भी अपनी और सम्मिलित कर लिया गया है । 12 यह कि अनावेदकगण द्वारा आपसी मेल मिलाप कर आवेदक तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सूरजपुर, जिला सूरजपुर छ.ग. के साथ कांट्रेक्ट की राशि को छलपूर्वक गबन करने के आशय से दस्तावेजो की कूट रचना कर धोखाधड़ी करते हुए आवेदक को प्राप्त होने वाली राशि 83,21,000 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सूरजपुर, जिला सूरजपुर छ.ग. से गलत तरीके से अनावेदक क्र. 3 द्वारा प्राप्त कर लिया गया है। 

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