50 महिलाओं,छात्राओं से अनाचार करने वाले 9 दरिंदो को अदालत ने दी मौत होने तक आजीवन कारावास की सजा.. ! घटना ने राजनीति में का दिया था भूचाल..
मई 13, 2025
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कोयंबटूर। खबरी गुल्लक ।। तमिलनाडु की राजनीति में तहलका मचाने वाली पोलाची दुष्कर्म मामले में 13 मई 2025 को कोयंबटूर की एक अदालत ने संपूर्ण साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सभी नौ आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विद्वान न्यायाधीश आर नंदिनी देवी ने दोषियों के खिलाफ गवाही देने वाली आठ महिलाओं को कुल 85 लाख का मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। सूत्रों के मुताबिक नौ हैवानों ने 2016 से 2018 के बीच 50 से अधिक महिलाओं को शिकार बनाया, जिनमें ज्यादातर कॉलेज की छात्राएं थीं। दोषियों ने पीड़ित महिलाओं,छात्राओं का वीडियो बनाया और उन्हें ब्लैकमेल कर करते हुए कई बार दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म किया। सूत्रों के मुताबिक इनमें से आठ महिलाओं ने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई और आरोपियों के खिलाफ गवाही दी। दुष्कर्म का पहला मामला फरवरी, 2019 में सामने आया था। 19 वर्षीया एक छात्रा ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि 12 फरवरी 2019 को पोलाची के समीप चलती कार में चार लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और सुनसान जगह पर छोड़ दिया। छात्रा का वीडियो भी बनाया और लीक करने की धमकी देकर उससे यौन संबंध बनाने दबाव डाल रहे थे। छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस मामले की विवेचना पुलिस, सीआईडी और फिर सीबीआई के द्वारा की गई। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और लैपटॉप की जांच की। इनमें कई और पीड़ितों के वीडियो क्लिप मिले। जिनका युवकों ने अलग- अलग स्थानों पर बलात्कार किया था। शुरुआती जांच के बाद केस सीआईडी को सौंपा गया था। नागरिकों का आक्रोश को देखते हुए केस की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक सुरेंद्र मोहन ने मीडिया को बताया कि सभी नौ लोग आईपीसी की धारा 376 डी (सामूहिक दुष्कर्म), 376 (2) (एन) (एक ही महिला से बार-बार दुष्कर्म), ब्लैकमेल, आपराधिक साजिश और जबरन वसूली के दोषी पाए गए। अदालत ने उन्हें 'मृत्यु तक आजीवन कारावास' की सजा सुनाई।



