तीन वर्षीया मासूम ने जैन प्रथा 'संथारा' से त्यागे प्राण ... ब्रेन ट्यूमर से थी कष्ट में...! बना विश्व कीर्तिमान, गोल्डन बुक में नाम दर्ज ...
मई 03, 2025
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इंदौर। खबरी गुल्लक ।। 4 मई 2025 ।।इंदौर में ब्रेन ट्यूमर से जूझ रही तीन वर्षीय मासूम को जैन प्रथा संथारा व्रत ग्रहण करवा प्राण उत्सर्जित कराए जाते जाने का लोमहर्षक मामला सामने आया है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के द्वारा इस मासूम के नाम विश्व कीर्तिमान का प्रमाण पत्र जारी किया गया। बताया जा रहा है कि संथारा, जैन धर्म की प्राचीन प्रथा है, जिसमें कोई व्यक्ति अपने अंतिम समय का आभास होने पर मृत्यु का वरण करने के लिए अन्न-जल और सांसारिक वस्तुएं त्याग देता है। मासूम के माता-पिता का कहना है कि उन्होंने एक जैन मुनि की प्रेरणा से अपनी इकलौती संतान वियाना को संथारा व्रत दिलाने का फैसला किया। वियाना की मां वर्षा जैन ने कहा कि लाडली बेटी को संथारा व्रत कराना उनके लिए काफी मुश्किल से भरा खड़ा फैसला था। जिसे शब्दों से बयां कर पाना मुश्किल है। बेटी ब्रेन ट्यूमर के कारण काफी कष्ट में थी। बेटी की यह पीड़ा उन्हें उद्देलित कर रही थी। मेरे लिए यह बेहद पीड़ादायक था। मां ने भावुक होकर कहा ...मैं चाहती हूं मेरी बेटी उसके अगले जन्म में हमेशा खुश रहे। इस प्रथा से देह त्यागे जाने के बाद गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने उनकी बेटी के नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र जारी किया है। इस प्रमाणपत्र में मासूम वियाना के लिए जैन विधि-bविधान के मुताबिक संथारा व्रत ग्रहण करने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की शख्स उल्लेख किया गया।



