खबरी गुल्लक।सूरजपुर।09 अगस्त 2025।
छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध आस्था केंद्र कुदरगढ़ धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित रोप-वे निर्माण योजना अब साकार होने की ओर है। कुदरगढ़ लोक न्यास द्वारा रोप-वे निर्माण के लिए जारी की गई निविदा प्रक्रिया में देश की तीन नामी और अनुभवी कंपनियों ने हिस्सा लिया है। लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस रोप-वे के लिए मार्ग अब प्रशस्त हो चुका है, जिससे हजारों श्रद्धालुओं के सफर में लगने वाला समय और कठिनाई दोनों कम हो जाएंगी।
तीन नामी कंपनियों ने लिया भाग
8 अगस्त को खोली गई निविदा में देश की अग्रणी रोप-वे निर्माण कंपनियों ने तकनीकी और वित्तीय प्रस्ताव प्रस्तुत किए। लोक न्यास के अधिकारियों के अनुसार, इन प्रस्तावों का मूल्यांकन पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है और सर्वोत्तम कंपनी का चयन कर जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। निविदा प्रक्रिया में शामिल कंपनियों के पूर्व रिकॉर्ड, तकनीकी क्षमता और वित्तीय मजबूती का गहन विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि परियोजना गुणवत्ता और समयसीमा के साथ पूरी हो।
15 माह में पूरा होगा काम — रामसेवक पैकरा
कुदरगढ़ लोक न्यास के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा ने बताया कि रोप-वे लगभग 500 मीटर लंबे मार्ग पर बनाया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को पैदल कठिन चढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी और यात्रा का समय भी काफी कम होगा।उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता यह है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक साधन उपलब्ध हो। निर्माण कार्य शुरू होते ही हम 15 माह के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं
1966 से रोप-वे निर्माण का अनुभव रखने वाली कंपनी भी दौड़ में
निविदा में भाग लेने वाली कंपनियों में से एक कंपनी 1966 से रोप-वे और केबल कार निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय है। इस कंपनी ने देश और विदेश में कई चुनौतीपूर्ण परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की हैं। इस अनुभव के आधार पर उम्मीद की जा रही है कि कुदरगढ़ धाम का रोप-वे भी उच्च गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक से निर्मित होगा।
सीए और ऑडिटर की देखरेख में पारदर्शी प्रक्रिया
निविदा प्रक्रिया की निगरानी लोक न्यास ट्रस्ट के सीए और ऑडिटर द्वारा की गई, जिन्होंने दस्तावेजों, वित्तीय प्रस्तावों और तकनीकी मानकों की विस्तृत जांच की। ट्रस्ट के लेखा परीक्षक ने बताया कि पूरी प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ संचालित की गई है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद या तकनीकी अड़चन की संभावना न रहे।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि रोप-वे के निर्माण से न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ेगी बल्कि कुदरगढ़ धाम को छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में नई पहचान मिलेगी। स्थानीय दुकानदारों, परिवहन सेवाओं और होटल व्यवसाय को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। यह परियोजना धार्मिक आस्था के साथ-साथ आर्थिक विकास का भी नया अध्याय लिखेगी।
यह परियोजना कुदरगढ़ धाम को एक नई पहचान देगी और आने वाले समय में यह छत्तीसगढ़ के धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख आकर्षण बन सकता है। श्रद्धालुओं को जहां अब तक कठिन पहाड़ी चढ़ाई करनी पड़ती थी, वहीं भविष्य में वे मात्र कुछ ही मिनटों में मां बगरेश्वर के दरबार तक पहुंच पाएंगे।

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