खबरी गुल्लक।सूरजपुर, 4 अगस्त।
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में करियर बनाने का सपना दिखाकर एक युवती को शोषण का शिकार बनाने वाले आरोपी को सूरजपुर पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। यह मामला सोशल मीडिया की आड़ में महिलाओं के साथ हो रहे साइबर अपराधों की भयावह सच्चाई को उजागर करता है।
पीड़िता ने चांदनी थाना में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2023 में उसकी पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से पटना निवासी चिंतामणि (उम्र 35 वर्ष) से हुई। बातचीत धीरे-धीरे नजदीकी में बदल गई और आरोपी ने युवती को फिल्मों में काम दिलाने, एक सफल हीरोइन व सिंगर बनाने तथा 1.50 लाख रुपये मासिक देने का प्रलोभन देकर पटना बुलाया।
पटना पहुंचने पर आरोपी ने उसे एक किराए के कमरे में रखा, उसका मोबाइल छीन लिया और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते हुए लगातार अनाचार किया। एक माह बाद जैसे-तैसे पीड़िता आरोपी के चंगुल से निकलकर अपने घर लौट सकी, लेकिन उत्पीड़न की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
आरोपी ने फिर अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दोबारा पीड़िता को पटना बुलाया, जहां दुबारा उसके साथ दुर्व्यवहार हुआ और वीडियो/फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी से वायरल कर दिया गया। इस पूरे मामले में पीड़िता की शिकायत पर थाना चांदनी में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 127(3), 87, 64(2), 308(2), 351(2) बीएनएस व आईटी एक्ट की धारा 67(ए) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
इस जघन्य कृत्य को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने तत्काल विवेचना के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो एवं एसडीओपी ओड़गी राजेश जोशी के मार्गदर्शन में पुलिस टीम बिहार रवाना हुई। तकनीकी विश्लेषण व स्थानीय सूचना तंत्र के माध्यम से आरोपी को पटना से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसके कब्जे से वीडियो निर्माण एवं वायरल करने में प्रयुक्त लैपटॉप और दो मोबाइल जब्त किए गए हैं। इस संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी जयनगर रुपेश कुंतल, प्रधान आरक्षक ईशित बेहरा, दीपक दुबे, सुशील तिवारी एवं आरक्षक विकास मिश्रा की विशेष भूमिका रही।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया के नाम पर कैसे असामाजिक तत्व मासूम युवतियों को अपने झांसे में लेकर शोषण का शिकार बना रहे हैं। ऐसे मामलों में सतर्कता, जागरूकता और त्वरित पुलिस कार्रवाई ही एकमात्र समाधान है। इस मामले में सूरजपुर पुलिस ने तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

.jpg)





















