नर्मदापुर के रिहायशी बस्ती में पहुंचा जंगली हाथियों का दल.. घर तोड़ रौंदा फसल..! प्रभावितों का हाल बेहाल.., वन विभाग नहीं कर रहा कोई ठोस पहल..!

नर्मदापुर के रिहायशी बस्ती में पहुंचा जंगली हाथियों का दल.. घर तोड़ रौंदा फसल..! प्रभावितों का हाल बेहाल.., वन विभाग नहीं कर रहा कोई ठोस पहल..!

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मैनपाट।। खबरी गुल्लक।। महेश यादव।। 28 अगस्त 2025।।

छत्तीसगढ़ के शिमला और मिनी तिब्बत के नाम से मशहूर सरगुजा जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल मैनपाट में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। 27 अगस्त की रात हाथियों का झुंड विकासखंड मुख्यालय नर्मदापुर में आ धमका और घनी आबादी वाले सरना पारा बस्ती में जमकर उत्पात मचाते हुए मुन्ना राम माझी का आशियाना उजाड़ दिया। घर तहस नहस करने के बाद धान की फसल को रौंदते हुए समीप के जंगल में ही विचरण कर रहे हैं। हाथियों के पैरों तले बड़े पैमाने पर फसल नष्ट हुए हैं। बताया जा रहा है कि मौजूदा समय में मैनपाट क्षेत्र में 12 हाथियों का दल अलग अलग भाग में बंट विचरण कर रहा है जिसमें से एक हाथी अलग है और सर्वाधिक क्षति यही हाथी पहुंचा रहा है। हाथियों के विचरण और उत्पात से ग्रामीणों में दहशत है। 

ग्रामीणों की बदल रही दिनचर्या

मैनपाट क्षेत्र में लंबे समय से उत्पात मचा रहे जंगली हाथियों की समस्या ग्रामीणों के समक्ष रोज नई चुनौती पैदा कर रही है। हाथियों के चलते वनवासियों की दिनचर्या भी बदल रही है। जिस तरफ हाथी विचरण करते हैं उस तरफ से लगे बस्तियों में के ग्रामीण शाम होने के पूर्व कामकाज खत्म कर घर लौट रहे हैं और अंधेरा होने के पूर्व रात का भोजन बना सेवन करने के बाद बाल बच्चों के साथ घर छोड़ किसी सुरक्षित ठिकाने की तलाश में निकल पड़ते हैं। 

निगरानी के नाम पर खानापूर्ति कर रहा वन अमला

 ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग का अमला गज प्रबंधन के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रहा है। न तो हाथियों को बस्ती से दूर खदेड़ने प्रयास नहीं किया जा रहा है और न ही ग्रामीणों को टार्च, मशाल, केरोसिन सहित अन्य संसाधन उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत खंभों में रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइट लगाई जानी चाहिए साथ ही हाई मास्क लाइट भी लगाई जानी चाहिए। 










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