बलरामपुर।। खबरी गुल्लक।। 28 अगस्त 2025।।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में हाइवे पेट्रोलिंग का जवान अमित मिंज सड़क हादसे के घायलों के लिए मसीहा बने हुए हैं। वर्ष 2005 में एमटी चालक के रूप में पुलिस विभाग में भर्ती होने के बाद वर्ष 2019 से यातायात विभाग में पूरी तन्मयता से सेवा देते आ रहे हैं। चाहे तेज धूप हो, कड़ाके की ठंड या दिल दहला देने वाली चमक गरज के साथ झमाझम बारिश हो रही हो सड़क हादसे की सूचना पर बगैर विलंब घटना स्थल पर पहुंच घायलों की मदद में जुट जाते हैं। बलरामपुर हाइवे पेट्रोलिंग में बीते 6 वर्षों के सेवा काल में अमित मिंज अभी तक 500 से अधिक घायलों की जान बचा चुके हैं। सेवा भाव से ड्यूटी के चलते हर शख्स के जुबान पर उनका नाम होता है। हर कोई जरूरत पड़ने पर मदद के लिए उनका मोबाइल नंबर अपने पास रखता है,यही कारण है कि सड़क दुर्घटना होने पर उनके पास तत्काल सूचना पहुंच जाती है। यातायात प्रभारी विमलेश देवांगन भी इस नेक कार्य में वैसे ही जुट जाते हैं जैसे अमित मिंज। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना, सड़क से वाहन को हटाने तत्काल पहल करना, अवरुद्ध हुई यातायात व्यवस्था को पुनः बहाल करने में जुट जाने से लोगों को न सिर्फ बड़ी मदद मिलती है बल्कि अनजान शहर या गांव में कोई मददगार या कहें भगवान मिल जाता है।
यातायात प्रभारी भी बने सेवा के मिसाल
अंबिकापुर - रामानुजगंज NH में दलधोवा घाट, जलेबी मोड , औरा झरिया हादसों के लिए ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हांकित है। इन दुर्घटना जनित स्थानों में गहरे और खतरनाक खाई है। इन स्थानों पर वाहन के गिरने से आसानी से मदद पहुंचना आसान नहीं होता, इन कठिन परिस्थितियों में भी यातायात प्रभारी विमलेश देवांगन और जवान अमित सिंह खाई में उतर घायलों को अस्पताल तक भर्ती कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी तत्परता से देर रात को भी घायलों को यह मदद मिल जाती है। जवान अमित सिंह के साथ यातायात प्रभारी विमलेश देवांगन भी सेवा के मिसाल बने हुए हैं।
यह तस्वीरें बता रही हैं ईमानदारी और सेवाभाव से ड्यूटी की सच्चाई...
रक्त दाता भी बने अमित
यातायात विभाग के जवान अमित सिंह न सिर्फ सड़क हादसे के घायलों की जान बचा रहे हैं बल्कि जरूरतमंदों को रक्त दान भी कर रहे हैं। जिससे न सिर्फ विभाग में बल्कि आम नागरिकों के बीच उनकी छवि बेहतर और नेक इंसान की बनी हुई है। हर 6 महीने में वे रक्त दान करने से नहीं चूकते। उनका कहना है कि हमें दूसरों की मदद का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहिए। इससे आत्मिक संतुष्टि भी मिलती है।

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