ADD

संघ शताब्दी पर स्वयंसेवकों ने दिखाया उत्साह, शस्त्र पूजन, पथ संचलन से गूंजा सरगवा

0


 अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।। 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष उपलक्ष्य में अंबिकापुर ग्रामीण खंड के सरगवा मंडल में हर्ष और उल्लास का माहौल रहा। इस अवसर पर इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में संघ के स्वयंसेवकों ने पारंपरिक विधि से शस्त्र पूजन कर मां भारती को नमन किया। इसके उपरांत बाल स्वयंसेवक से लेकर शिक्षकों और प्राध्यापकों तक सभी ने घोष की ताल पर कदमताल करते हुए शानदार पथ संचलन किया।  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. आरएन खरे ने मां भारती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कहा कि संघ ने पिछले 100 वर्षों में समाज जीवन के हर क्षेत्र में कार्य कर मानवीय चेतना को जागृत किया है। उन्होंने कहा कि संघ ने अपने कार्यों से भारत और भारतीयता को अनुपम भेंट दी है। मुख्य वक्ता नरेंद्र सिन्हा विभाग संपर्क प्रमुख ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना काल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब समाज में हिंदुत्व को लेकर निराशा का वातावरण था, उस समय डॉ. हेडगेवार और उनके साथियों ने नागपुर के मोहिते वाडा में विजयादशमी के दिन संघ की स्थापना कर राष्ट्र चेतना की लौ प्रज्वलित की थी। उन्होंने बताया कि सौ वर्षों की इस दीर्घ यात्रा में संघ ने असहयोग आंदोलन, गोवा मुक्ति, जम्मू-कश्मीर विलय, 1962-63 के युद्धों, रामजन्मभूमि आंदोलन और धारा 370 जैसे अनेक राष्ट्रीय आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई है।  प्राकृतिक आपदाओं हो या सामाजिक सेवा के क्षेत्र में संघ सदैव राष्ट्र की सेवा में अग्रणी रहा है।  

पंच परिवर्तन का लिया संकल्प  

संघ शताब्दी वर्ष पर स्वयंसेवकों ने पंच परिवर्तन के रूप में समाज में पांच प्रमुख बातों को लेकर कार्य करने का संकल्प लिया ।   सामाजिक सद्भाव  , स्वबोध (आत्मज्ञान)  , परिवार प्रबोधन  , पर्यावरण संरक्षण ,  नागरिक शिष्टाचार  के साथ ही संघ विस्तार और संगठन दृढ़ीकरण के लिए सात विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे। विजयादशमी के अवसर पर हुए इस पथ संचलन में लबाल, तरुण व वरिष्ठ स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में समीर मंडल, अनंत , रोहन , विजय व्यापारी, इंद्रदेव, प्रवीण , अजीत सिंह  सहित अनेक स्वयंसेवक शामिल थे। जगह-जगह ग्रामीण जन, माताएँ और बहनें पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत करती रहीं।   



एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)