अंबिकापुर।।खबरी गुल्लक ।।
सर्व ब्राह्मण समाज सरगुजा के संरक्षक द्वितेंद्र मिश्रा, सत्येंद्र नाथ तिवारी,अध्यक्ष राजेश तिवारी के नेतृत्व में समाज के एक प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर विलास भोसकर को ज्ञापन सौंपकर नवीन न्यायालय भवन का निर्माण मौजूदा स्वीकृत स्थल पर ही किए जाने की मांग की है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि जिला मुख्यालय अम्बिकापुर में कलेक्टोरेट परिसर अनुविभागीय अधिकारी तहसीलदार जिला उपभोक्ता फोरम पुलिस अधीक्षक कार्यालय एवं जिला पंचायत के साथ-साथ जिला न्यायालय अम्बिकापुर का परिसर लगा हुआ है। जिला न्यायालय अम्बिकापुर विगत 65-70 वर्षों से संचालित है यह आमजनों एवं जन भावना के अनुरूप है जहां पर सरगुजा जिला एवं संभाग के पक्षकारगण अपनी समस्या लेकर आते हैं और विविध प्रकार के बाजार करते हैं, जो उनके लिए सुविधाजनक है। नवीन जिला न्यायालय भवन हेतु जिला प्रशासन द्वारा ग्राम चठिरमा में भूमि का आबंटन करने का जो विचार रखा गया है वह मूल जिला न्यायालय से 08 से 10 कि०मी० दूर है, जहां पर पक्षकारों को आने-जाने में असुविधा होगी और उनका अनावश्यक व्यय भी होगा। वर्तमान जिला न्यायालय प्रतीक्षा बस स्टैण्ड से समीप है, जहां से सभी तरफ से वाहन सुविधा उपलब्ध है और अधिवक्ताओं को भी सुविधा होगी। उपरोक्त बातों को ध्यान में रखते हुए समाज का आग्रह है, कि जनहित एवं जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए पुराने जिला न्यायालय परिसर से लगी हई शासकीय भूमि पर स्थित पुरानी एवं जर्जर गुलाब कॉलोनी को मुक्त करते हुए जिला अधिवक्ता संघ के मांग के अनुरूप नवीन जिला न्यायालय भवन का निर्माण पराने जिला न्यायालय परिसर में ही किए जाने की कार्यवाही की जावे। इस दौरान सचिव विनोद तिवारी, कोषाध्यक्ष मनोज तिवारी, पंकज शुक्ला,अश्वनी तिवारी, जनेंद्र चतुर्वेदी, आलोक तिवारी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
Ews वर्ग को छग में भी मिले 10 प्रतिशत आरक्षण
सर्व ब्राह्मण समाज के संरक्षक द्वितेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा जनवरी 2019 में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) को संविधान में संशोधन कर 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है जो सम्पूर्ण भारत में सभी राज्यों द्वारा लागू कर दिया गया है। केवल छ०ग० राज्य में यह 2019 से अब तक लागू नहीं किया गया है इसके कारण राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) वर्ग के छात्रों एवं पलिय अभ्यर्थियों को इसका लाभ शिक्षण संस्थानों एवं नौकरियों में नहीं मिल पा रहा है छात्रों एवं नौकरी के लिए कर रहे अभ्यर्थियों द्वारा बनाए गए आर्थिक रूप से 7/11 कमजोर वर्ग के प्रमाण पत्रों की राज्य के शिक्षण संस्थाओं एवं भर्तियों में कोई उपयोगिता नहीं है तथा छ०ग० में (EWS) वर्ग अपने आरक्षण से लगातार 07 वर्षों से वंचित होता चला आ रहा है। छात्रों एवं अभ्यर्थियों को 10 प्रतिशत (EWS) आरक्षण प्राप्त नहीं होने के कारण वह मानसिक रूप से कुंठित, प्रताड़ित और निराशा का अनुभव कर रहे हैं। छ०ग० में भाजपा सरकार बनने पर छात्रों एवं अभ्यर्थियों एक नई उम्मीद 10 प्रतिशत (EWS) आरक्षण को लेकर जागी है।




