अंबिकापुर/ मनेन्द्रगढ़।। खबरी गुल्लक।। 30 दिसंबर 2025।।
छत्तीसगढ़ के जिला मनेन्द्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर के कलेक्टर ने आज तीन सरकारी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में शासकीय कार्यों में बाधा पहुंचाने के आरोपों के कारण की गई है। कलेक्टर के इस कार्रवाई से कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के पदाधिकारियों के साथ ही कर्मचारी जगत में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है। कर्मचारियों के लिए संबंधित कर्मचारियों की निःशर्त बहाली नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी।
दरअसल कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा 11 सूत्रीय मांगों के समर्थन में किए जा रहे तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन आज फेडरेशन का एक प्रतिनिधि मंडल एमसीबी जिला के कलेक्ट्रेट परिसर के कार्यालयों में भ्रमण करते हुए इस बात का अवलोकन कर रहा था कि कौन कौन कर्मचारी ड्यूटी कर रहे हैं। कार्यालय में कमचारियों के नजर आने पर हड़ताल स्थल पर चलने आग्रह भी कर रहे थे। इसी बीच विवाद की स्थिति भी निर्मित हुई। पता चलने पर प्रशासन ने पुलिस को बुला संबंधित तीनों कर्मचारियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। यह खबर मिलने पर फेडरेशन के पदाधिकारी मौके पर पहुंच कार्रवाई का विरोध जताने लगे। जिससे कार्रवाई टल गई थी,मगर देर शाम कलेक्टर के द्वारा तीनों कर्मचारियों को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया गया। फेडरेशन ने कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे निरस्त किए जाने की मांग की है। जारी आदेश में कहा गया है कि कार्यरत लिपिकों को सरकारी काम करने से रोका और कार्यप्रणाली में बाधा डाली, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 के प्रावधानों के तहत निलंबन किया गया। निलंबित कर्मचारियों में संजय पाण्डेय, सहायक राजस्व निरीक्षक नगर पंचायत झगराखाण्ड मनेन्द्रगढ़ नगर पालिका परिषद् मनेन्द्रगढ़, सुरेन्द्र प्रसाद, सफाई कर्मचारी नगर पंचायत झगराखाण्ड नगर पालिका परिषद्, मनेन्द्रगढ़, गोपाल सिंह, व्यायाम शिक्षक शा.उ.मा.वि. बेलबहरा विकासखण्ड मनेन्द्रगढ़ जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय एमसीबी शामिल हैं। ये सभी घटनाएं 30 दिसंबर 2025 को जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में हुईं। आदेशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह कार्रवाई तत्काल प्रभावी होगी।
निः शर्त हो बहाली
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल पांडेय ने इस कार्रवाई का विरोध जताते हुए कहा है कि मांगो को लेकर हड़ताल कर रहे कर्मचारियों पर दबाव डालने प्रशासन दमनकारी नीति अपना रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मचारी संघ इस तरह की किसी भी दमनकारी नीति की कड़ी निंदा करता है और निलंबित कर्मचारियों की पुनः बहाली की मांग करता है।

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