अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।। 11 जनवरी 2026।।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के गांधीनगर थाना क्षेत्र में शनिवार रात एक युवक की चाकू से हत्या कर दी गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गांधीनगर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने घटना के महज एक दिन में मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तीन आरोपी जिसमें दो युवक और एक महिला शामिल हैं ने पूछताछ में हत्या कबूल की। पुलिस ने उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त चाकू और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। सभी को न्यायालय में पेश कर रिमांड लिया गया है। पुलिस ने बताया कि दिनांक 10 जनवरी 2026 को सुबह गांधीनगर थाना पुलिस को सूचना मिली कि अंकिता एग सेंटर के सामने डेयरी फार्म रोड पर एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव की जांच की, जो बबलू मंडल पिता तिवारी लाल मंडल (उम्र 46 वर्ष), निवासी पालपारा सुभाषनगर, थाना गांधीनगर के निवासी का निकला। मृतक के पुत्र और अन्य परिजनों ने शव की पहचान की।मौके पर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) टीम और पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव पर गले में धागे से खींचने के निशान, पेट में चाकू के गहरे घाव और कई खरोंचें मिलीं। शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, मृतक की मौत पेट में धारदार हथियार से लगी गंभीर चोट के कारण हुई। प्रथम दृष्टया यह हत्या का मामला लगने पर धारा 194 बीएनएसएस के तहत केस दर्ज किया गया और अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत जांच शुरू हुई।आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी विवेचना के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीनों आरोपियों की पहचान की और उन्हें हिरासत में लेकर सख्त पूछताछ की।
यह हैं आरोपी
हत्या में आरोपी सुमित एक्का पिता धर्मदेव एक्का उम्र 20 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 8 केनापारा बलरामपुर हाल निवासी पालपारा सुभाषनगर गांधीनगर, प्रमोद तिवारी उर्फ टक्कू पिता स्व. भीम तिवारी 22 वर्ष निवासी मुक्तिपारा गांधीनगर, सुस्मिता हरिला उर्फ सोनिया पति शुभम विश्वास 22 वर्ष निवासी सोनी मोहल्ला गांधीनगर शामिल हैं पुलिस ने बताया कि सुस्मिता का पति शुभम विश्वास पूर्व में गांधीनगर थाने से एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल जा चुका है।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
घटना की पूरी कहानी पूछताछ में आरोपियों ने हत्या कबूल ली। उनके अनुसार, सुमित और सोनिया की 4-5 साल पुरानी दोस्ती थी। सुमित सोनिया को मुंहबोली बहन मानता था। सोनिया ने ही सुमित का परिचय प्रमोद उर्फ टक्कू से कराया था।10 जनवरी 2026 की रात खाना-पीना करने के बाद सुमित और सोनिया अपनी महिला मित्र के कमरे में सोने गए। कमरा ताला लगा होने पर उन्होंने ताला तोड़ दिया। इस दौरान मकान मालिक ने विवाद किया। तभी मृतक बबलू मंडल वहां पहुंचा और सुमित-सोनिया को गाली-गलौज कर धमकी देने लगा। दोनों मौके से भागे, लेकिन बबलू ने उनका पीछा किया और डेयरी फार्म रोड पर फिर गालियां दीं। सोनिया ने फोन कर प्रमोद उर्फ टक्कू को बुलाया।प्रमोद के पहुंचने पर तीनों ने बबलू पर हमला बोला। सोनिया और प्रमोद ने मारपीट की, जबकि सुमित ने चाकू से उसके पेट में गोद दिया। डरकर तीनों सोनिया के साथ प्रमोद के घर भाग गए और सो गए। बाद में बबलू की मौत की खबर सुनकर उन्होंने चाकू को प्रिंसेस कॉटेज के सामने कचरा फेंकने वाली जगह पर फेंक दिया, जिसे पुलिस ने आरोपियों के निशानदेही पर बरामद किया। तीनों मोबाइल भी जब्त हो चुके हैं।सबूत मिलने पर तीनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड मिला।
यह रहे सक्रिय
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के निर्देशन पर थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में साइबर सेल प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक अजीत मिश्रा, सहायक उपनिरीक्षक धनंजय पाठक, प्रधान आरक्षक अमित प्रताप सिंह, विकास सिन्हा, भोजराज पासवान, आरक्षक अरविंद उपाध्याय, घनश्याम देवांगन, राहुल सिंह, रमन मंडल, दीनदयाल सिंह, मनीष सिंह, राहुल केरकेटा, अमृत सिंह एवं ऋषभ सिंह ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई।

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