अंबिकापुर/ रायपुर।। अखिल भारतीय मंत्री एवं उद्योग प्रभारी राधेश्याम जायसवाल के द्वारा मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ विष्णु देव साय से विद्युत कंपनी में 2004 के बाद नियुक्त अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाली और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण जैसे ज्वलंत विषयों पर अपना सकारात्मक पक्ष रखा गया था, जिस पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए मुख्यमंत्री के द्वारा विद्युत कंपनी के शीर्षस्थ अधिकारियों से चर्चा उपरांत शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही हेतु आश्वस्त किया गया था। महासंघ के संघर्ष और सकारात्मक प्रयास के परिणाम स्वरूप मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के द्वारा संविदा कर्मचारियों के आर्थिक हितलाभ हेतु समान काम समान वेतन की अवधारणा के अनुरूप संवेदनशीलता के साथ मानदेय में 33 प्रतिशत की वृद्धि, वाहन भत्ता, मैदानी भत्ता, 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके संविदा कर्मियों की सेवा आगे जारी रखने के साथ भविष्य में प्रत्येक वर्ष संविदा कर्मचारियों के मानदेय एवं अन्य हितलाभ हेतु कमेटी के गठन करने हेतु विद्युत कंपनी प्रबंधन को आदेश जारी करने निर्देशित किया गया और 22 जनवरी को विद्युत कंपनी प्रबंधन के द्वारा संविदा कर्मचारियों के मानदेय वृद्धि एवं अन्य हितलाभ से संबंधित आदेश जारी किया गया। इस हेतु आभार और धन्यवाद हेतु भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ के प्रतिनिधियों ने राधेश्याम जायसवाल के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री को शाल और पुष्पगुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया गया।
अखिल भारतीय मंत्री एवं उद्योग प्रभारी राधेश्याम जायसवाल के द्वारा महासंघ की महत्वपूर्ण मांग 2004 के बाद नियुक्त अधिकारियों - कर्मचारियों के पुरानी पेंशन बहाली के संबंध में मुख्यमंत्री का ध्यानाकर्षण करते हुए उन्हें अवगत कराया गया कि विद्युत कंपनी का अपना पेंशन ट्रस्ट है पुरानी पेंशन बहाली से छत्तीसगढ़ सरकार को किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा, इस पर मुख्यमंत्री महोदय के द्वारा शीर्षस्थ अधिकारियों से शीघ्र चर्चा कर आदेश जारी करने आश्वस्त किया गया।
भारतीय मजदूर संघ के के अखिल अखिल भारतीय मंत्री एवं विद्युत प्रभारी राधेश्याम जयसवाल ने खबरी गुल्लक से कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार के पहल से पावर कंपनी द्वारा संविदा कर्मियों के मानदेय में 5 से 6 हजार लगभग 33 प्रतिशत की वृद्धि किया गया है, जो कि स्वागत योग्य है। संविदा कर्मियों के नियमितीकरण हेतु छ.ग. सरकार एवं कंपनी प्रबंधन निश्चित रूप से गंभीर है, आने वाले समय में उनके नियमितीकरण की कार्यवाही किया जाएगा। प्रदेश के लगभग ढाई हजार संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की कार्यवाही पूर्व में कंपनी प्रबंधन के द्वारा प्रारंभ किया गया था, लेकिन तथाकथित संगठन के प्रतिनिधियों ने कंपनी के सबसे निचले तबके एवं न्यूनतम मानदेय पाने वाले संविदा कर्मियों को नियमित कराने का झांसा देकर कंपनी प्रबंधन के नाम से मोटी रकम की उगाही की गयी थी, जिसकी भनक लगने पर कंपनी प्रबंधन द्वारा नियमितीकरण की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध महासंघ लगातार श्रमिक हितों पर मैदान में खड़े होकर संघर्ष करते आया हैं। निश्चित रूप से आने वाले समय में संविदा कर्मियों के नियमितीकरण हेतु कार्यवाही लगातार प्रयास जारी रहेगा, इसके लिए महासंघ गंभीर है।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय मंत्री एवं विद्युत प्रभारी श्री राधेश्याम जायसवाल, छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष संजय तिवारी, कार्यकारी अध्यक्ष तेज प्रताप सिंहा, महामंत्री नवरतन बरेठ, कोषाध्यक्ष कोमल देवांगन, संगठन मंत्री के एन यादव, कार्यालय मंत्री चेतनानंद दुबे, रायपुर क्षेत्र के अध्यक्ष परमेश्वर कन्नौजे, सचिव नीलांबर सिंहा और संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष हरिचरण साहू उपस्थित रहे।

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