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नशीली इंजेक्शन बेचने पर अंबिकापुर के दवा व्यवसाई देवेश जायसवाल को अदालत ने दी 15 वर्ष सश्रम कारावास और 1.50 लाख रुपये जुर्माने की सजा

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अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक ।। 13 फरवरी 2026।।

विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट सरगुजा श्री अतुल कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने दर्श मेडिकल स्टोर जनपद पारा रोड अंबिकापुर के संचालक देवेश जायसवाल को नशीले इंजेक्शन और टेबलेटों के अवैध कारोबार के आरोप में 15 वर्ष के सश्रम कारावास और 1.50 लाख रुपये के भारी जुर्माने की सजा सुनाई है। पत्नी ज्योति जायसवाल को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया गया। न्यायालयीन सूत्रों के मुताबिक 23 फरवरी 2024 को थाना अंबिकापुर की उप निरीक्षक सुनीता भारद्वाज को मुखबिर सूचना मिली कि जनपदपारा रोड स्थित दर्श मेडिकल स्टोर पर नशीले इंजेक्शन छिपाकर नवयुवकों को बेचे जा रहे हैं। नगर पुलिस अधीक्षक अखिलेश कौशिक के नेतृत्व में टीम ने औषधि निरीक्षकों सहित छापा मारा। स्टोर काउंटर से 6 लिफाफों में अल्प्राजोलम टेबलेट (आरएलएएम 0.5 एमजी) और बुप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन बरामद हुए। स्टोर रूम से अतिरिक्त 130 बुप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन (कुल 260 एमएल), 155 फेनिरामाइन इंजेक्शन और 318 अल्प्राजोलम टेबलेट (193.9 ग्राम) जब्त किए गए। सभी की वैधता एक्सपायरी तक थी, लेकिन बिना वैध अनुमति के रखे और बेचने की तैयारी में थे।

धारा-50 एनडीपीएस एक्ट के तहत ज्योति जायसवाल को नोटिस देकर सहमति ली गई। सभी की तलाशी ली गई, नमूने सील कर एफएसएल भेजे गए। एफएसएल रिपोर्ट ने बुप्रेनॉर्फिन व अल्प्राजोलम की पुष्टि की। जप्त माल का मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष सत्यापन हुआ। औषधि प्रशासन की रिपोर्ट में भी अनियमितताएं पाई गईं। देवेश जायसवाल ने आत्मसमर्पण किया। 

पीठासीन अधिकारी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने अभियोजन के साक्ष्यों को मजबूत पाते हुए देवेश को धारा-22(सी) के तहत दोषी ठहराया। ज्योति को साक्ष्य अपर्याप्त मानकर बरी किया। अदालत ने मात्रा की गंभीरता, मेडिकल स्टोर संचालक होने के नाते अनुज्ञप्ति दुरुपयोग और सरगुजा में नशे की बढ़ती समस्या पर जोर दिया। सजा में जुर्माना न देने पर 1 वर्ष अतिरिक्त कारावास। विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार पांडेय ने पैरवी की।




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