बेमेतरा जिला न्यायालय ने बिरनपुर हिंसा मामले में पिता-पुत्र रहीम मोहम्मद (55) और ईदुल मोहम्मद (35) की हत्या के 17 आरोपियों को साक्ष्य अभाव में बरी कर दिया। तीन साल चली सुनवाई के बाद यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश साक्षी दीक्षित की अदालत में आया, जहां 64 अभियोजन साक्षियों के बयान दर्ज हुए। न्यायालयीन सूत्रों के मुताबिक 8 अप्रैल 2023 को बिरनपुर गांव में दो बच्चों के बीच साइकिल से झगड़े ने सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया, जिसमें विधायक ईश्वर साहू के पुत्र भुवनेश्वर साहू (22) की लाठी-डंडों से हत्या हो गई। 10-11 अप्रैल को छत्तीसगढ़ बंद के दौरान मुस्लिम समुदाय के रहीम और ईदुल के शव कोरवाय गांव के मुरुम खदान में मिले। हिंसा में आगजनी हुई, धारा 144 लागू कर दो सप्ताह कर्फ्यू रहा।
इस तरह हुई कानूनी कार्रवाई
साजा थाने में आईपीसी की धारा 147, 148, 149 (बलवा), 153A (सांप्रदायिक वैमनस्य), 201 (साक्ष्य छिपाना) समेत अन्य धाराओं में 173 लोगों के खिलाफ केस दर्ज, लेकिन 17 को गिरफ्तार किया गया। सीबीआई जांच में 6 और आरोपी जोड़े गए; स्वतंत्र गवाहों ने अभियोजन पक्ष का समर्थन नहीं किया। भुवनेश्वर हत्या मामले के 12 आरोपी अभी सीबीआई कोर्ट में जेल में हैं।
दोषमुक्त आरोपी
डकेश्वर सिन्हा उर्फ हरिओम (28), मनीष वर्मा (23), समारू नेताम (43), पूरन पटेल (19), राजकुमार निषाद (19), भोला निषाद (23), दूधनाथ साहू (27), अरुण रजक (18), चंदन साहू (20), होमेन्द्र नेताम (25), टाकेन्द्र साहू (22), राम निषाद (19), संजय कुमार साहू (25), चिंताराम साहू (68), लोकेश साहू (23), वरूण साहू (18), राजेश साहू (23)। फैसले के दौरान न्यायालय में भारी पुलिस बल तैनात था।

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