ADD





ब्रेकिंग: छग गृह निर्माण मंडल के उपायुक्त पूनम चंद अग्रवाल और सहायक अनिल सिंहा ने ठेकेदार से 65 लाख की मांगी रिश्वत.. एसीबी की ट्रेप में दोनों रंगेहाथों गिरफ्तार

0

अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।। 5 फरवरी 2026

 छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल वृत्त अंबिकापुर के उपायुक्त (अधीक्षण अभियंता) पूनम चंद अग्रवाल और उनके कार्यालय के वरिष्ठ सहायक ग्रेड-02 अनिल सिन्हा रिश्वत लेते एसीबी की ट्रेप कार्रवाई में धर दबोचे गए। ठेकेदार रवि कुमार की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई। रिश्वत मांगे जाने के कारण ठेकेदार ने एसीबी से शिकायत की थी। जिससे एसीबी की टीम ने जाल बिछाया, दोनों ने  कैमिकल लगे  65 हजार रुपये की रिश्वत ली और एसीबी ने दोनों को दबोच   भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) 1988 की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज कर किया है। 

ठेकेदार रवि कुमार ने 20 जनवरी 2026 को लोकायुक्त को आवेदन सौंपा था। उन्होंने बताया कि वे ठेकेदारी का काम करते हैं। वर्ष 2023 में हाउसिंग बोर्ड कार्यालय संभाग अंबिकापुर से 65 लाख रुपये की लागत से बलरामपुर जिले के दौरा- कोचली में नवीन तहसील भवन निर्माण और 43.51 लाख रुपये की लागत से लुंड्रा के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में 6 अतिरिक्त कक्ष निर्माण के ठेके उन्हें मिले थे। दोनों कार्यों के लिए निविदा भरने के बाद उन्होंने निर्माण पूरा कर लिया, लेकिन समय पर फिनिश न होने से अंतिम समयावधि वृद्धि और भवन के भौतिक सत्यापन के लिए विभाग में आवेदन दिया था। निर्माण पूर्ण होने पर दौरा कोचली तहसील भवन के लिए करीब 28 लाख और लुंड्रा विद्यालय के लिए 7.50 लाख रुपये का भुगतान बाकी था। ठेकेदार के अनुसार, उपायुक्त पूनम चंद अग्रवाल ने भौतिक सत्यापन और समयावधि वृद्धि की अनुशंसा के एवज में 1 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायत के सत्यापन में आरोपी ने दोनों कार्यों के लिए 30-30 हजार रुपये यानी कुल 60 हजार रुपये रिश्वत लेने की सहमति दी।

 ऐसे हुई कार्यवाई

आज शाम लोकायुक्त टीम ने ट्रेप आयोजित की। ठेकेदार को 60 हजार रुपये की फिनाइल्थलीन लगी रिश्वत लेकर आरोपी के पास भेजा गया। उपायुक्त अग्रवाल ने रिश्वत कार्यपालन अभियंता कार्यालय उनके कार्यालय के बगल में स्थित के वरिष्ठ सहायक अनिल सिन्हा को देने को कहा। ठेकेदार जब सिन्हा से मिले तो उन्होंने कहा कि उपायुक्त ने 60 हजार के बजाय 70 हजार रुपये लेने को कहा है। ठेकेदार के मना करने पर सिन्हा ने हठ किया कि कम से कम 65 हजार तो देना ही पड़ेगा। इसकी सूचना ट्रेप दल को मिलने पर ठेकेदार से अतिरिक्त 5 हजार रुपये लिए गए। कुल 65 हजार जिसमें मूल 60 हजार शामिल रिश्वत लेकर ठेकेदार सिन्हा के पास पहुंचा। सिन्हा ने 65 हजार ले लिए, अपने हिस्से के 5 हजार निकालकर टेबल की दराज में रखे और शेष 60 हजार ठेकेदार को लेकर उपायुक्त अग्रवाल के कक्ष में गए। अग्रवाल ने 60 हजार प्राप्त कर उन्हें टेबल के मोबाइल स्टैंड से दबाकर रख लिया।

और ..रंगे हाथों पकड़ाए

ठेकेदार के इशारे पर ट्रेप दल ने दबिश दी। अग्रवाल के पास से 60 हजार और सिन्हा के पास से 5 हजार बरामद कर जप्ती की गई। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। लोकायुक्त सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई गृह निर्माण मंडल में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम कसने की दिशा में महत्वपूर्ण है। ठेकेदारों को समय पर भुगतान दिलाने के नाम पर अधिकारियों द्वारा रिश्वतखोरी आम हो गई है। 



एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)