शहरी क्षेत्र में केबल बिछाने सहित विभिन्न प्रयोजनों से हो रही बेतरतीब खुदाई ने जलापूर्ति व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जगह-जगह खोदे जा रहे गड्ढों के कारण न केवल मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो रही है, बल्कि घरेलू कनेक्शन भी चपेट में आ रहे हैं। श्रीराम मंदिर मार्ग के एक मोहल्ले में यह समस्या चरम पर पहुंच गई, जहां कुछ घरों में सीमेंट घुला हुआ सफेद और दूषित पानी सप्लाई होने से लोग परेशान हो गए। पीने योग्य न होने वाला यह पानी स्नान तक के लिए अनुपयुक्त था, जिससे निवासियों को नगर निगम से टैंकर मंगाने पड़े।
मोहल्ले की रहवासी शिखा सिंघल ने बताया कि दो दिन पहले हमारे घर में मटमैला दूषित पानी आया था। दूसरे दिन सप्लाई ठीक रही, लेकिन तीसरे दिन फिर सीमेंट जैसा सफेद पानी बहने लगा। सुबह नल खोलते ही टंकी भर गई और किचन के बर्तनों में भी पानी भरा। रंग देखकर दंग रह गए , यह पानी पीने लायक तो दूर, बर्तनों को ही काला कर दिया। छत की टंकी चेक की तो पूरा पानी काला हो चुका था। मजबूरन सब फेंकना पड़ा और निगम से टैंकर बुलाया। शीला ने कहा कि मोहल्ले के एक-दो अन्य घरों में भी यही समस्या रही। ऐसे में परिवारों को नुकसान उठाना पड़ा, क्योंकि दूषित पानी से स्वास्थ्य जोखिम बढ़ गया। शहर के अन्य इलाकों से भी ऐसी शिकायतें आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पाइपलाइन का मानचित्रण कर डिजिटल मैपिंग और समन्वय समिति गठित करने से समस्या हल हो सकती है। निगम ने कहा कि भविष्य में ठेकेदारों को जिम्मेदार बनाया जाएगा। फिलहाल श्रीराम मंदिर मार्ग के निवासी राहत की सांस ले रहे हैं, लेकिन व्यापक समाधान की मांग तेज हो गई है।
आयुक्त के त्वरित निर्देश पर मरम्मत
इस शिकायत की जानकारी मिलते ही नगर निगम आयुक्त डीएन कश्यप ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने जल शाखा को मरम्मत के निर्देश दिए। आयुक्त के आदेश पर टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत पूरी कर सप्लाई बहाल कर दी। एक अधिकारी ने बताया कि खुदाई के दौरान पाइपलाइन कट गई थी, जिसे ठीक कर दिया गया है। आयुक्त कश्यप ने कहा कि नागरिकों की परेशानी हमारी प्राथमिकता है। ऐसी घटनाओं पर तुरंत ध्यान देंगे और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
बेतरतीब खुदाई मुख्य वजह - द्वितेंद्र मिश्रा

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