अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के घाटबर्रा में श्मशान घाट में आदानी खदान के द्वारा रात में जेसीबी के माध्यम से कोयला खुदाई किया जा रहा था जहां जेसीबी चालक मौके से भूत आने की बात कहीं और भाग गया। इसकी तबीयत भी खराब है। भूत के भय से रात में उत्खनन बंद हो गया है। यह घटना दो दिन पूर्व की बताई जा रही है। विदित हो कि घाट बर्रा के ग्रामीणों द्वारा खदान विस्तार, उत्खनन का विरोध किया जा रहा है। इसके बाद भी उत्खनन जारी था,मगर रात के समय कथित तौर पर भूत के भय से उत्खनन बंद हो गया है। दो दिन पहले की यह घटना पूरे इलाके में सनसनी फैला रही है। क्या यह श्मशान की आत्माओं का गुस्सा है? या ग्रामीणों के विरोध की अलौकिक चेतावनी..! ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से रात के समय श्मशान घाट से किसी महिला के रोने की आवाज आती है, जिससे गाँव वालों में भी दहशत है। यह खबर गाँव में चल रही चर्चा के आधार पर बनाई गई है, खबरी गुल्लक इसकी पुष्टि नहीं करता।
गाँव में यह चर्चा है कि दो रात पहले रात करीब 11:30 बजे घाटबर्रा के श्मशान घाट में आदानी ग्रुप कोयला खुदाई में जुटी थी ,जेसीबी मशीन चल रही थी। चालक रामू नाम बदला गया नाम ने बताया कि अचानक जेसीबी के आगे सफेद साया दिखा। ठंडी हवा चली, भूतिया आवाज आई- रुको मैं डर गया और मशीन छोड़ भागा। दिल जोरों से धड़का। तबीयत खराब होने पर डॉक्टरों ने कहा कि शॉक से ब्लड प्रेशर लो हो गया है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है, श्मशान घाट पवित्र जगह। वहां चिता जलती हैं, आत्माएं भटकती हैं। रात में खनन क्यों किया जाता है। हमने पहले ही विरोध किया था। पंचायत के मुखिया कहते हैं खदान विस्तार से हमारी जमीन बर्बाद हो रही। हमने भी विरोध किया था,अब भूत ने रात में खुदाई बंद कर दिया।
सवाल वही है रात का खनन क्यों..! भूत सच्चा या अफवाह? क्या यह भूतिया घटना टर्निंग पॉइंट बनेगी? ग्रामीण चेताते हैं, प्रकृति जागी है! हालांकि गाँव के जागरूक लोगों ने इसे अंधविश्वास और अविश्वसनीय बताया है। वहीं गाँव का बड़ा तबका इसे अभी भी भूत ही मान रहा है।

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