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ब्रेकिंग ; मैनपाट के टाइगर प्वाइंट में देर रात लगी आग.. चंद घंटे में एक दर्जन से अधिक दुकानें मड़ई जलकर खाक..! छिन गया गरीबो के जीविपार्जन का सहारा

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मैनपाट।। खबरी गुल्लक।। (महेश यादव)।।

 छत्तीसगढ़ के शिमला के नाम से मशहूर सरगुजा जिले के प्रमुख पर्यटन केंद्र मैनपाट के टाइगर प्वाइंट में मड़ई बना खाद्यसामग्री बेच गुजर बसर कर रहे ग्रामीणों के एक दर्जन से अधिक दुकान खाक हो गया। घास और लकड़ियों से बने इन मड़ई में आग कैसे लगी अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। आग से यहां जीविकोपार्जन कर रहे गरीब परिवारों का जीने का सहारा छीन गया। देर रात हुई इस घटना से अफरा तफरी मची रहींl लोग आग बुझाने मशक्कत करते रहे, मगर लकड़ी और घास के बने होने के साथ आग बेकाबू होते चली गई और एक के बाद एक कर एक दर्जन से अधिक मड़ई जलकर खाक हो गए। आगजनी के लिए शरारती तत्वों पर संदेह जताया गया है, हालांकि इस बात की भी संभावना है कि ठंड से बचने जलाये गए अलाव को नहीं बुझाए जाने से यह घटना हुई होगी। आज दूसरे दिन पीड़ित ग्रामीण राख के ढेर के बीच बचे सामानों को ढूंढते रहे।

मैनपाट सरगुजा जिले का प्रमुख पर्यटन केंद्र है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ठंडे मौसम के कारण छत्तीसगढ़ का शिमला कहलाता है। यहां टाइगर प्वाइंट पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण है, जहां सैकड़ों ग्रामीण परिवार पर्यटकों को चाय, भोजन, स्मृति चिन्ह बेचकर अपना गुजारा करते हैं। घास, लकड़ी और टीन से बनी इन अस्थायी दुकान मड़ई पर इनका सब कुछ निर्भर था। लेकिन शुक्रवार देर रात एक आग ने सब कुछ छीन लिया, जो एक दर्जन से अधिक मड़ई को लील गई।

बताया जा रहा है कि अचानक धुआं उड़ने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें भड़क उठीं। अफरा- तफरी मच गई। ग्रामीण चिल्लाते-चिल्लाते पानी, मिट्टी से आग बुझाने की कोशिश करने लगे, लेकिन ठंडे मौसम में सूखी घास-लकड़ी से बनी मड़ई तेजी से जलने लगीं। आग एक से दूसरी में फैलती चली गई। करीब एक घंटे तक चले हाहाकार के बाद 12-15 मड़ई पूरी तरह खाक हो गईं। सौभाग्य से कोई जानहानि नहीं हुई, लेकिन लाखों का सामान, बर्तन, चाय-पानी का स्टॉक और स्मृति चिन्ह सब नष्ट हो गए।



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