केंद्र सरकार ने सरकारी समारोहों और स्कूलों में राष्ट्रगान 'जन गण मन' से पहले राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के सभी छह छंदों का गायन अनिवार्य कर दिया है। गृह मंत्रालय ने 28 जनवरी 2026 को जारी 10 पेज के आदेश में इन छंदों की कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकंड बताई है, जिनमें 1937 में कांग्रेस द्वारा हटाए गए चार छंद भी शामिल हैं।
प्रमुख नियम और प्रोटोकॉल
* राष्ट्रगान के साथ वंदे मातरम दोनों बजाए जाने पर पहले राष्ट्रीय गीत गाया जाएगा।
* गायन के दौरान सभी उपस्थित व्यक्तियों को सावधान मुद्रा में खड़ा होना जरूरी, हालांकि सिनेमाघरों में यह लागू नहीं होगा।
* स्कूलों में दिन की शुरुआत सामूहिक गायन से हो सकती है, और महत्वपूर्ण सार्वजनिक आयोजनों पर भी इसे प्राथमिकता दी जाएगी।
* यह पहली बार है जब वंदे मातरम के लिए औपचारिक प्रोटोकॉल जारी किया गया, जो राष्ट्रगान जैसी गरिमा प्रदान करता है। आदेश सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और मंत्रालयों को भेजा गया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा 1875 में रचित वंदे मातरम स्वतंत्रता संग्राम का प्रेरणादायक नारा बना। 1950 में संविधान सभा ने इसे राष्ट्रीय गीत घोषित किया, लेकिन धार्मिक संवेदनशीलता के चलते चार छंद हटा दिए गए थे, जिनमें हिंदू देवी-देवताओं का उल्लेख है।
सियासी विवाद की आशंका
बीजेपी ने कांग्रेस और नेहरू पर जिन्ना से सांठगांठ का आरोप लगाते हुए इन छंदों को हटाने को देश विभाजन का कारण बताया है। नए नियम से राजनीतिक टकराव बढ़ सकता है, क्योंकि मुस्लिम समुदाय की भावनाओं का हवाला देकर पहले विवाद हुआ था।

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