ADD





निजी स्कूलों पर सख्ती, मनमानी फीस वसूली और NCERT के अलावा किताबें चलाने पर कार्रवाई की चेतावनी

0



 अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक ।। 

जिला शिक्षा अधिकारी   सरगुजा दिनेश कुमार झा द्वारा निजी विद्यालयों के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मनमानी फीस वसूली, अवैध शुल्क, निर्धारित दुकानों से सामग्री खरीदने के लिए दबाव तथा NCERT/SCERT के अलावा महंगी किताबें चलाने जैसी शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। ऐसे मामलों में विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने तक की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है ।

16 सदस्यीय स्कूल प्रबंधन समिति से तय होगी फीस

आदेश के अनुसार शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रत्येक निजी विद्यालय में न्यूनतम 16 सदस्यीय स्कूल प्रबंधन समिति का गठन अनिवार्य है। समिति द्वारा अनुमोदित शुल्क ही विद्यार्थियों से लिया जा सकेगा। बिना अनुमति फीस वृद्धि करने या अवैध मदों में शुल्क वसूलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।जिला शिक्षा अधिकारी  ने स्पष्ट किया है कि शुल्क निर्धारण के बाद उसकी प्रति सूचना पटल पर चस्पा करना और कार्यालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

इन 12 मदों के अलावा कोई शुल्क नहीं

आरटीई अधिनियम की धारा 13(1) के तहत प्रवेश के समय कोई कैपिटेशन फीस नहीं ली जा सकती। आदेश में 12 निर्धारित मदों—शिक्षण शुल्क, विज्ञान शुल्क, क्रीड़ा शुल्क, परीक्षा शुल्क, पुस्तकालय शुल्क, क्रियाकलाप शुल्क, कापी-गाइड शुल्क, बस किराया, निधि शुल्क, शाला विकास शुल्क, स्वास्थ्य बीमा शुल्क एवं बागवानी शुल्क—के अलावा अन्य किसी भी प्रकार का शुल्क लेने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है । कंप्यूटर शुल्क, बिजली-पानी शुल्क, स्मार्ट क्लास शुल्क, वार्षिकोत्सव शुल्क, नए सत्र शुल्क आदि को अवैध बताया गया है। शिकायत मिलने पर विद्यालय की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। निर्धारित दुकान से किताब- कॉपी खरीदने का दबाव न बनाएं। आदेश में यह भी कहा गया है कि निजी विद्यालय किसी विशेष दुकान से पुस्तक, कॉपी, यूनिफॉर्म या अन्य सामग्री खरीदने के लिए छात्रों/अभिभावकों को बाध्य नहीं कर सकते। ऐसा पाए जाने पर मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी । विद्यालयों को कक्षा अनुसार पुस्तक सूची, प्रकाशक का नाम, कॉपी का आकार व यूनिफॉर्म की जानकारी सूचना पटल पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।

केवल NCERT/ SCERT की किताबें लागू करने के निर्देश

बैठक दिनांक 24.11.2025 के कार्यवाही विवरण  में स्पष्ट किया गया है कि सभी निजी विद्यालयों में NCERT/SCERT की पुस्तकों का ही उपयोग किया जाएगा। महंगी निजी प्रकाशकों की पुस्तकों को अनिवार्य करने पर रोक लगाई गई है। दोबारा शिकायत मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए मान्यता समाप्त करने अथवा बोर्ड को प्रस्ताव भेजने की चेतावनी दी गई है ।

25 प्रतिशत सीट पर निःशुल्क प्रवेश अनिवार्य

आरटीई प्रावधानों के तहत प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निःशुल्क प्रवेश देना अनिवार्य बताया गया है ।

स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य

आदेश में कहा गया है कि विद्यालयों में पृथक शौचालय, स्वच्छ पेयजल, खेल मैदान, अग्निशमन यंत्र, सीसीटीवी कैमरा जैसी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य हैं। कमी पाए जाने पर मान्यता समाप्त की जा सकती है ।

परिवहन, सुरक्षा और अन्य निर्देश

बैठक में स्कूल बस चालकों का पुलिस सत्यापन, सीसीटीवी अनिवार्यता, परिसर की सुरक्षा, नशामुक्ति अभियान, महिला उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम 2013 के तहत समिति गठन, तथा छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए हैं। आरटीई और मान्यता संबंधी प्रकरणों के लिए अपर आईडी का कार्य तीन दिवस में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। 

डीईओ की सख्त चेतावनी

जिला शिक्षा अधिकारी अंबिकापुर, सरगुजा ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाले विद्यालयों पर एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए मान्यता समाप्त करने की कार्यवाही की जाएगी। सभी निजी विद्यालयों को निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है ।

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)