इंफाल।।खबरी गुल्लक ।।
मणिपुर के उखरूल जिले में सशस्त्र समूहों के बीच हिंसक झड़प के बाद दो अपहृत नागरिकों की हत्या कर दी गई, जबकि केंद्र सरकार की सहायता से 21 बंधकों को सुरक्षित रिहा करा लिया गया। राज्य सरकार ने इस पूरे मामले की गहन जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए को सौंपने का ऐलान किया है। यह जानकारी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने दी।
बुधवार सुबह करीब 6:30 से 9 बजे के बीच उखरूल जिले के मापीथेल पहाड़ी क्षेत्र में दो सशस्त्र समूहों के बीच जमकर गोलीबारी हुई। गृह मंत्री गोविंद दास कोंथौजम ने विधानसभा में बताया कि इस हिंसा के कथित प्रतिशोध में उखरूल-इंफाल मार्ग पर तांगखुल नगा समुदाय के 21 नागरिकों को शांकाई गांव के पास कुछ लोगों ने बंधक बना लिया। उसी दौरान दो अन्य नागरिकों का अपहरण कर लिया गया, जिनके शव बृहस्पतिवार को बरामद हुए। विपक्षी कांग्रेस विधायक के. मेघचंद्र ने थावई गांव में हुई गोलीबारी और अपहरण की घटनाओं पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था।
केंद्र की अहम भूमिका
गृह मंत्री गोविंद दास ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बंधकों की रिहाई में महत्वपूर्ण मदद की। शुरू में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स BSF की अगुवाई में केंद्रीय बलों को आम लोगों को बचाने के लिए भेजा गया, लेकिन स्थानीय महिलाओं ने उन्हें सड़क पर रोक लिया। इसके बाद सेना ने मोर्चा संभाला, इलाके को घेर लिया और दबाव बनाया। परिणामस्वरूप बंधक बनाए गए 21 तांगखुल नगा नागरिक सुरक्षित रिहा हो गए।
मुख्यमंत्री का ऐलान
सदन के नेता और मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने स्पष्ट कहा कि दो नागरिकों के अपहरण व हत्या सहित पूरे घटनाक्रम की गहन जांच एनआईए को सौंपी जाएगी। उन्होंने सदन में भरोसा दिलाया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह घटना मणिपुर में जारी जातीय तनाव के बीच हुई है, जहां उखरूल जैसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही सतर्क है।



