रायपुर/रायगढ़।। खबरी गुल्लक 31 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध शराब के कारोबार पर आबकारी विभाग ने कड़ा प्रहार किया है। सहायक आयुक्त आबकारी के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान में पिछले दो-तीन दिनों में छह अलग-अलग मामलों में 305.200 लीटर तैयार महुआ शराब और 1050 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त कर लिया गया। जब्त सामग्री का बाजार मूल्य लगभग 1,13,540 रुपये आंका गया है। इस कार्रवाई से न केवल अवैध शराब का जाल तोड़ा गया, बल्कि जन स्वास्थ्य को खतरे से भी बचाया गया, क्योंकि ऐसी शराब अक्सर जहरीली साबित होती है।
विभिन्न क्षेत्रों में दबिशें, 5 गिरफ्तार
आबकारी टीम ने जिले के संवेदनशील इलाकों में छापेमारी की। थाना पुसौर क्षेत्र के ग्राम लोहरसिंग से देवराज टंडन के पास से 6 लीटर महुआ शराब बरामद हुई, जबकि जकेला गांव में शेख नसीरूद्दीन के कब्जे से भी 6 लीटर शराब जब्त की गई। कोतरारोड थाना अंतर्गत ग्राम कुरमापाली में राजकुमार चौहान के पास 12 लीटर शराब पाई गई। तमनार क्षेत्र के ग्राम लालपुर से अजय राठिया के पास 15 लीटर और आमघाट से अमित एक्का के कब्जे से 9.200 लीटर शराब बरामद हुई। सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धाराओं के तहत गैर-जमानती अपराध दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया। न्यायालय ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। ये गिरफ्तारियां अवैध शराब के उत्पादन, संग्रहण और बिक्री के खिलाफ विभाग की सतर्कता को दर्शाती हैं।
अवैध भट्टियों पर भी नकेल, आरोपी फरार
अभियान के दौरान आबकारी टीम ने अवैध भट्टियों को भी निशाना बनाया। चक्रधर नगर के भगोरा नाला और पुसौर के कसाईपाली नाला किनारे दबिश देकर भारी मात्रा में शराब और लाहन नष्ट किया गया। इन मामलों में शामिल आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है, और पुलिस टीमें उनके ठिकानों पर नजर रखे हुए हैं।
आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि महुआ लाहन से बनाई जाने वाली अवैध शराब ग्रामीण इलाकों में सस्ते दामों पर बिकती है, जो स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकती है। पिछले वर्षों में ऐसी शराब से कई मौतें हो चुकी हैं, इसलिए विभाग ने इसे प्राथमिकता दी है।
लगातार अभियान का ऐलान
विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान निर्बाध जारी रहेगा। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, और ऐसी कार्रवाइयां नियमित रूप से होती रहेंगी। जिला प्रशासन ने जनता से अपील की है कि अवैध शराब की सूचना विभाग को दें, ताकि समाज को नुकसान से बचाया जा सके। यह अभियान न केवल कानून व्यवस्था मजबूत करेगा, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा भी करेगा।



