नई दिल्ली।। खबरी गुल्लक।।
देश में महिलाओं की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में ओबीसी कांग्रेस राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ सम्मेलन का आयोजन 9 मार्च 2026 को प्रातः 10:30 बजे से AICC मुख्यालय, इंदिरा भवन, 9A कोटला मार्ग, नई दिल्ली में किया जा रहा है।
यह सम्मेलन विशेष रूप से ओबीसी समाज की मातृशक्ति को संगठित करने, नेतृत्व के अवसर प्रदान करने और उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में सशक्त भूमिका देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की स्पष्ट मंशा है कि देश की महिलाओं को अधिक से अधिक भागीदारी मिले और विशेष रूप से ओबीसी वर्ग की महिलाओं को नेतृत्व के मंच पर आगे लाया जाए।
कांग्रेस पार्टी मानती है कि ओबीसी समाज देश की उत्पादक शक्ति है और इसकी मातृशक्ति समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी सोच के अनुरूप यह सम्मेलन एक खोज अभियान के रूप में भी आयोजित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से विभिन्न राज्यों से नेतृत्व क्षमता रखने वाली महिलाओं को पहचान कर उन्हें संगठन में जिम्मेदार पदों पर आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में महिला प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। पार्टी के सभी राष्ट्रीय समन्वयकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका इसमें निर्धारित की गई है, जिनकी जिम्मेदारी है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से सक्षम और नेतृत्व योग्य महिलाओं को आगे लाकर उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारियों के लिए प्रस्तावित करें।
सम्मेलन के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया 27 फरवरी 2026 को पूर्ण हो चुकी है। विभिन्न राज्यों से महिलाओं ने उत्साहपूर्वक अपना पंजीकरण कराया है और बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।
इसी क्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय समन्वयक लक्ष्मी गुप्ता द्वारा भी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा विशेष रूप से सरगुजा क्षेत्र से महिलाओं का पंजीकरण कराया गया है और वे सभी इस ऐतिहासिक सम्मेलन में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुँच रही हैं। कार्यक्रम में शामिल होने वाली सभी पंजीकृत मातृशक्तियों से अनुरोध किया गया है कि वे कार्यक्रम प्रारंभ होने से कम से कम एक घंटा पूर्व स्थल पर पहुँचकर अपना रजिस्ट्रेशन पास प्राप्त कर लें, ताकि सम्मेलन की कार्यवाही सुचारु रूप से संपन्न हो सके। कांग्रेस नेतृत्व को विश्वास है कि यह सम्मेलन ओबीसी महिलाओं के सशक्तिकरण, संगठन विस्तार और देश में सामाजिक-राजनीतिक जागरूकता की एक नई अलख जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



