देश विदेश।। 7 मार्च 2026 खबरी गुल्लक विशेष।।
पाकिस्तान अधिकृत गिलगिट-बाल्टिस्तान के प्रमुख शहर स्कार्दू में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन खूनी मोड़ ले चुके हैं। 1 मार्च से चली आ रही आंदोलन की लपटें अब पूरे क्षेत्र में फैल गई हैं, जहां पाकिस्तानी सेना और अर्धसैनिक बलों की क्रूर गोलीबारी में बाल्टी-शिया समुदाय के 38 लोग मारे गए। दर्जनों अन्य घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें से कई की हालत नाजुक है।
घटना की शुरुआत तब हुई जब स्थानीय शिया समुदाय के लोग बुनियादी अधिकारों जैसे बिजली, पानी, जमीन और आर्थिक न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे। लेकिन सुरक्षा बलों ने अचानक गोलियां चला दीं, जिससे माहौल गरम हो गया। शुरुआती रिपोर्टों में 13 मौतों का जिक्र था, मगर घायलों के निधन से आंकड़ा 38 तक पहुंच गया। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने जवाब में सरकारी दफ्तरों, सैन्य प्रतिष्ठानों और वाहनों पर हमला बोल दिया। कई इमारतों को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
ब्रिगेडियर समेत सेना के जवान भी घायल
झड़पें इतनी उग्र हो गईं कि पाकिस्तानी सेना को भी नुकसान उठाना पड़ा। ब्रिगेडियर रैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी समेत कई जवान घायल हो गए। स्थानीय वीडियो फुटेज में प्रदर्शनकारी पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के खिलाफ 'मुर्दाबाद' के नारे लगाते नजर आ रहे हैं। शिया समुदाय में सेना की इस बर्बर कार्रवाई के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है, जो क्षेत्र में लंबे समय से चला आ रहा है। गिलगिट-बाल्टिस्तान में शिया बहुल बाल्टी समुदाय लंबे अरसे से पाकिस्तानी प्रशासन के शोषण के खिलाफ आवाज उठा रहा है।
कर्फ्यू और इंटरनेट ब्लैकआउट से तनाव और बढ़ा
स्थिति को काबू करने के लिए स्कार्दू और आसपास के इलाकों में कर्फ्यू थोप दिया गया है। मोबाइल इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाएं पूरी तरह निलंबित कर दी गई हैं, ताकि खबरें बाहर न फैलें। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह दमनकारी कदम प्रदर्शनकारियों के बीच और गुस्सा भड़का रहा है। क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना PoGB में पाकिस्तानी सेना की साख को गहरा झटका देगी, जहां पहले से ही भारत समर्थक आवाजें मजबूत हो रही हैं।
सूत्र बताते हैं कि हिंसा की जड़ में शिया समुदाय की लंबी लड़ाई है , जमीन हड़पने, ऊर्जा संकट और सांस्कृतिक दमन जैसे मुद्दे। अंतरराष्ट्रीय निगरानी संगठनों ने इस घटना पर चिंता जताई है और पाकिस्तान से स्वतंत्र जांच की मांग की है। फिलहाल, स्कार्दू में तनाव चरम पर है, और आगे की मौतों का खतरा बरकरार है।



