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माता कर्मा केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि समाज सुधार, एकता और जागरूकता की हैं सशक्त प्रेरणा - लक्ष्मी गुप्ता! लुंड्रा में भक्तिभाव से मनाई गई कर्मा माता जयंती, बड़ी संख्या में साहू समाज ने की शिरकत..!

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अंबिकापुर।।खबरी गुल्लक ।। 19 मार्च 2026

सरगुजा के लुंड्रा नगर में साहू समाज द्वारा कर्मा माता जयंती बड़े ही हर्षोल्लास एवं श्रद्धा भाव के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश साहू संघ के कार्यकारी सदस्य  लक्ष्मी गुप्ता उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लॉक साहू संघ के अध्यक्ष  देव कुमार गुप्ता ने की।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला साहू संघ के अध्यक्ष  के.के. गुप्ता,  बी.एन. गुप्ता,  रामावतार गुप्ता,  प्रयागराज साहू,  ईश्वर नाथ साह, सुरेश गुप्ता,  कन्हैया गुप्ता उपस्थित रहे। अतिथि के रूप में  संजय गुप्ता,  सदानंद गुप्ता, श्रीमती रूपा गुप्ता,  उपेंद्र गुप्ता एवं  गिरधारी गुप्ता की  उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ माता कर्मा के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन, पुष्पमाला अर्पण एवं आरती के साथ हुआ। इसके पश्चात भव्य नगर भ्रमण निकाला गया, जिसमें गाजे-बाजे, भजन-कीर्तन एवं जयकारों के साथ सैकड़ों महिलाओं एवं पुरुषों ने भाग लिया। पूरा नगर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा। भ्रमण के उपरांत रैली पुनः कार्यक्रम स्थल पहुंची, जहां मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि  लक्ष्मी गुप्ता का स्वागत पुष्पहार एवं गमछा ओढ़ाकर ब्लॉक अध्यक्ष  देव कुमार गुप्ता  द्वारा किया गया। तत्पश्चात सभी अतिथियों का सम्मान ब्लॉक के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक  शिवकुमार दुबे  ने कर्मा माता पर आधारित भजनों की मनमोहक प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। 

मुख्य अतिथि   लक्ष्मी गुप्ता ने कहा कि माता कर्मा केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि समाज सुधार, एकता और जागरूकता की सशक्त प्रेरणा हैं। उन्होंने बताया कि माता कर्मा का जन्म एकादशी के पावन दिन हुआ था और उन्होंने अपने जीवन में ऐसे अनेक कार्य किए, जो आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि उस समय समाज में कई प्रकार की रूढ़िवादी एवं गलत परंपराएं प्रचलित थीं, जिन्हें माता कर्मा ने साहसपूर्वक समाप्त कर समाज को एकता के सूत्र में पिरोया।श्री गुप्ता  ने ऐतिहासिक प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि एक राजा के हाथी को गंभीर रोग हो गया था। समाधान के रूप में यह कहा गया कि यदि समाज के सभी लोग अपने-अपने घरों से तेल लाकर एक तालाब में डालेंगे, तभी वह भरेगा और हाथी उसमें स्नान कर स्वस्थ हो सकेगा। लेकिन उस समय समाज में एकजुटता का अभाव था। तब माता कर्मा ने समाज को संगठित कर यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज एकजुट होता है, तो असंभव कार्य भी संभव हो जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि जहां अन्याय और अत्याचार हो, वहां चुप रहना उचित नहीं है, बल्कि संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना चाहिए। धार्मिक संदर्भ देते हुए उन्होंने बताया कि जगन्नाथ पुरी में भगवान जगन्नाथ जी को जो खिचड़ी का भोग लगाया जाता है, उसकी परंपरा की शुरुआत भी माता कर्मा द्वारा की गई थी, जो उनके अद्भुत भक्ति भाव का प्रतीक है। अंत में उन्होंने कहा  कि कर्म ही जीवन का आधार है, और माता कर्मा ने अपने कर्मों से समाज को नई दिशा दी है। हमें उनके आदर्शों को अपनाकर एकता, समरसता और सेवा भाव को आगे बढ़ाना चाहिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए  देव कुमार गुप्ता ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि समाज में व्याप्त कुरीतियों और बुराइयों को समाप्त करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से आज का आयोजन  किया गया, जो समाज शुद्धि और जागरूकता का प्रतीक है। उन्होंने समाज के सभी लोगों से आह्वान किया कि हम सभी मिलकर समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करें और एक संगठित, सशक्त एवं जागरूक समाज का निर्माण करें। लुंड्रा क्षेत्र के समाज के वरिष्ठ जनों का सम्मान सभी अतिथियों ने किया गया।

कार्यक्रम के अंत में  उपेंद्र गुप्ता ने आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए केवल सामाजिक नहीं, बल्कि राजनीतिक और आर्थिक रूप से भी मजबूत होना आवश्यक है। उन्होंने कहा  कि हमें समाज की राजनीतिक शक्ति को बढ़ाना होगा। जो लोग आगे बढ़ने की क्षमता रखते हैं, उन्हें समाज को आगे लाने के लिए प्रोत्साहित करना होगा, तभी हमारा समाज हर क्षेत्र में मजबूत बन पाएगा।

कार्यक्रम में अन्य अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज को एकजुट रहने एवं माता कर्मा के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम में रामनरेश राम साहू,इंद्रमणि साहू, रघुरेश प्रसाद गुप्ता,इंद्रमणि गुप्ता, नंदू प्रसाद गुप्ता ,भक्तु साहू, नंदू गुप्ता, रमेश प्रसाद गुप्ता, कृष्णा गुप्ता, शिवकुमार साहू, दीपक कुमार गुप्ता, राकेश कुमार गुप्ता, सुरजी देवी, जयंती साहू, प्रियंका गुप्ता, आशा साहू शांति देवी, नीलू गुप्ता, पुष्पा गुप्ता, अजय गुप्ता,अजीत गुप्ता, रंजीत गुप्ता के अलावा सैकड़ों माताएं बहनें एवं स्वजातीय बंधुओं की उपस्थिति रही।

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