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अंबिकापुर में फर्जी ऋण पुस्तिका से व्यपवर्तित भूमि की धोखाधड़ी, पुलिस ने अहमद अली को किया गिरफ्तार

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अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।। 11 मार्च 2026 

 संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के मायापुर में एक बड़ी जमीन धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देश पर  कोतवाली पुलिस ने फर्जी ऋण पुस्तिका बनाकर व्यपवर्तित भूमि का अवैध विक्रय कराने वाले मुख्य आरोपी अहमद अली को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने वृद्ध और अशिक्षित दादी का फायदा उठाकर छल किया था। मामले में अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिन्हें शीघ्र पकड़ लिया जाएगा। पुलिस ने बताया कि 

प्रार्थी फैजान आलम अंसारी  मायापुर अंबिकापुर ने  कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी दादी स्व. जमीला खातुन के स्वामित्व वाली भूमि खसरा नंबर 1688/14, रकबा 10 डिसमिल (व्यपवर्तित) मायापुर में थी। वर्ष 2019 में दादी ने अपनी जिंदगी में ही इस भूमि की वसीयत दो हिस्सों में कर दी थी। लेकिन 2021 में प्रार्थी की बड़ी बुआ के पुत्र अहमद अली एवं अन्य ने प्रार्थी के पिता, चाचा, छोटी बुआ और परिवार के अन्य सदस्यों को बिना बताए इस जमीन का विक्रय नामा अपने नाम पंजीकृत करा लिया।

विक्रय दस्तावेजों की जांच में पाया गया कि पंजीयन में दर्ज द्वितीय प्रति ऋण पुस्तिका नंबर पी-1948564 असली ऋण पुस्तिका एल-22055 से बिल्कुल अलग थी। प्रार्थी ने भू-अभिलेखों की जांच की तो पुष्टि हुई कि एल-22055 ही मूल ऋण पुस्तिका है, जो राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। तहसीलदार, पटवारी और कलेक्टर कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, पी-1948564 नंबर की कोई ऋण पुस्तिका जिले को आवंटित ही नहीं हुई और न ही किसी सक्षम अधिकारी द्वारा जारी की गई। भू-अभिलेखों से यह भी स्पष्ट हुआ कि भूमि व्यपवर्तित होने के बावजूद बिना कलेक्टर की अनुमति के बेची गई। आरोपियों ने फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर जमीला खातुन और उनके जीवित संतानों के साथ छल किया। खासकर वृद्धावस्था और अशिक्षा का फायदा उठाकर खसरा नंबर 1688/14 (रकबा 0.040 हेक्टेयर, व्यपवर्तित) का विधि-विरुद्ध सौदा कराया। इस पर थाना कोतवाली में  धारा 420 , 467, 468, 471 एवं 34  के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, सहायक उप निरीक्षक देवनारायण यादव और आरक्षक दीपक दास ने सराहनीय भूमिका निभाई। 

 विवेचना में महत्वपूर्ण खुलासे

विवेचना के दौरान पुलिस ने प्रार्थी और गवाहों के बयान दर्ज किए। प्रार्थी ने मूल ऋण पुस्तिका पेश की, जिसे जब्त कर लिया गया। मुख्य आरोपी अहमद अली आत्मज अहमद हुसैन, उम्र 48 वर्ष निवासी मायापुर, अंबिकापुर को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई। आरोपी को फर्जी द्वितीय प्रति ऋण पुस्तिका पेश करने का नोटिस दिया गया। जवाब में उसने गोलमाल बातें कीं और खसरा 1688/14 की रजिस्ट्री मूल प्रति व वर्तमान ऋण पुस्तिका की छायाप्रति पेश की, जिन्हें जब्त कर लिया गया। सबूतों के आधार पर अहमद अली को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि प्रकरण में अन्य फरार आरोपियों को जल्द ही दबोच लिया जाएगा।


 



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