मैनपाट।। खबरी गुल्लक।। महेश यादव ।।
18 मार्च 2026।।
सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र में मंगलवार रात अचानक बदले मौसम ने किसानों पर कहर बरपा दिया। तेज हवाओं के साथ हुई भारी ओलावृष्टि ने ग्रामीण इलाकों को सफेद चादर ओढ़ा दी। ग्राम कुदारीडीह, नर्मदापुर, सपनादर में ओलों की मोटी परत सड़कों पर बिछ गई, जिससे इलाके का नजारा बर्फीले पहाड़ जैसा हो गया। सीतापुर क्षेत्र में भी व्यापक तबाही मची, जहां गेहूं, मटर और साग- सब्जी की फसलें 40 से 50 प्रतिशत तक नष्ट हो गईं। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजे की मांग की है, साथ ही भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचाव के उपायों की जरूरत बताई है।
मंगलवार की देर शाम शुरू हुई ओलावृष्टि ने मैनपाट के ग्रामीणों को हैरान कर दिया। कुदारीडीह गांव में सुबह होते ही ग्रामीण सड़कों पर जमी ओलों की परत को देख दंग रह गए। स्थानीय किसान ने बताया कि ओले इतने बड़े और घने थे कि खेतों में फसलें चंद मिनटों में बर्बाद हो गईं। हमारी गेहूं की फसल तैयार कटाई के चरण में थी, लेकिन अब कुछ नहीं बचा। इसी तरह सीतापुर के किसान श्यामलाल ने कहा कि मटर और सब्जियों की फसलें पूरी तरह चौपट हो गईं। परिवार का एकमात्र सहारा उजड़ गया। सरकार को जल्द मुआवजा देना चाहिए।
सरगुजा जिले के इस ऊंचे पठारी क्षेत्र में मौसम अक्सर अस्थिर रहता है। मैनपाट जो छोटा तिब्बत के नाम से जाना जाता है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन यहां गेहूं, चना मटर और सब्जियों की फसलें बोई गई थीं। पिछले वर्ष भी ओलावृष्टि हुई थी। फसल की तबाही से किसानों की छाती फट रही है।



