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विधानसभा में गुरु ग्रंथ साहिब से बेअदबी के खिलाफ कठोर विधेयक पेश... 10 वर्ष के सश्रम कारावास से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान

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चंडीगढ़।। खबरी गुल्लक।।14 अप्रैल 2026।

पंजाब विधानसभा में सोमवार को गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी रोकने के लिए आजीवन कारावास तक की सजा वाला जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विशेष सत्र के दौरान यह विधेयक विधानसभा में प्रस्तुत किया, जो राज्य में धार्मिक भावनाओं की रक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। यह विधेयक पंजाब मंत्रिमंडल द्वारा शनिवार को मंजूर किए गए संशोधनों पर आधारित है। इसमें बेअदबी के किसी भी कृत्य जैसे गुरु ग्रंथ साहिब को ठेस पहुंचाने वाले अपराधोंके लिए न्यूनतम 10 वर्ष के सश्रम कारावास से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। साथ ही, 5 लाख से 25 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री मान ने रविवार को कहा था कि यह कानून बेअदबी की घटनाओं पर मजबूत रोक लगाएगा और गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता सुनिश्चित करेगा।

सरकार का कहना है कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 298 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), 299 (धार्मिक रीति-रिवाजों का अपमान) और 300 (धार्मिक स्थलों को नुकसान) पर्याप्त कठोर नहीं हैं। इनमें बेअदबी जैसे संवेदनशील अपराधों के लिए सजा हल्की है, जिससे अपराधी बच निकलते हैं। पंजाब सरकार ने इसे मजबूत बनाने के लिए यह राज्य-विशिष्ट संशोधन लाया है।

पिछले वर्षों में पंजाब में कई बेअदबी की घटनाएं हुई हैं, जिनमें 2015 के बरगारी कांड और हाल की घटनाएं शामिल हैं। इनसे सामाजिक तनाव बढ़ा था, इसलिए विधेयक को व्यापक समर्थन मिलने की उम्मीद है।

चर्चा में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर ने विधेयक का स्वागत किया और कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब के सम्मान की रक्षा लंबे समय से मांग रही थी। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा (कांग्रेस) ने भी इसका समर्थन किया, लेकिन शर्त रखी। उन्होंने मांग की कि पंजाब पवित्र ग्रंथों के विरुद्ध अपराध निवारण विधेयक, 2025 पर गठित प्रवर समिति की रिपोर्ट सदन में पेश की जाए। बाजवा ने पूछा कि क्या विधेयक लाने से पहले संवैधानिक विशेषज्ञों से सलाह ली गई, ताकि यह केंद्र के कानूनों से टकराव न करे। विधेयक पर चर्चा जारी है और जल्द ही मतदान हो सकता है। यदि पारित होता है, तो पंजाब धार्मिक ग्रंथों की सुरक्षा में सबसे सख्त राज्य बन जाएगा।



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