अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।।2 अप्रैल 2026।।
मसीही समुदाय चालीसा के पवित्र उपवास और परहेज की अवधि के अंतिम सप्ताह में पूण्य गुरुवार की भक्ति में लीन हो गया। इस विशेष दिन नवापारा स्थित बेदाग ईश माता महागिरिजा घर में शाम 5 बजे से परंपरागत धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न हुए। यह आयोजन अम्बिकापुर धर्म प्रान्त के धर्माध्यक्ष बिशप अंतोनीस बड़ा की अगुवाई में फादर विलियम उर्रे और पल्ली पुरोहित फादर जार्ज ग्रे कुजूर ने कराए।
कार्यक्रम की शुरुआत बाइबिल पाठ से हुई, जिसका वाचन फिलिप तिर्की और अजिता टोप्पो ने किया। बिशप श्री बड़ा ने समुदाय को संबोधित करते हुए प्रभु येसु मसीह की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रभु ईसा ने अपने शिष्यों को एक नई आज्ञा दी थी तुम एक- दूसरे से प्रेम करो, जैसे मैंने तुमसे प्रेम किया है। बिशप ने जोर देकर बताया कि येसु ने सांझ के भोज से पूर्व अपने 12 चेलों के पैर धोकर विनम्रता, दया और सेवा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। यह शिक्षा हमें दैनिक जीवन में परिचितों और अजनबियों के प्रति भी अपनानी चाहिए, ताकि सच्चा जीवन प्रेम और सेवा में निहित हो।
पूण्य गुरुवार मसीही परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन येसु मसीह ने अपने चेलों के पैर धोने के बाद उन्हें अपना तन और रक्त समर्पित किया, जो परम प्रसाद के रूप में मसीही समुदाय ग्रहण करता है। इन्हीं 12 चेलों को प्रथम पुरोहित बनाया गया और इसी दिन पुरोहिताई संस्कार की नींव पड़ी। हालांकि, इसी रात येसु के एक चेले यहूदा ने धोखे से उन्हें राजा पिलातुस के सिपाहियों के हवाले कर दिया, जिससे उनका दुखभोग आरंभ हो गया। इन्हीं पलों को स्मरण कर मसीही समाज गहन आराधना में लीन रहा।
आस्था के प्रतीक के रूप में बिशप अंतोनीस बड़ा ने भी 12 चेलों के पैर धुलाए। इसके बाद युवा संघ ने पवित्र सक्रामेन्ट का भावपूर्ण जुलूस निकाला। रात्रि 8 बजे से शुरू हुई मुख्य आराधना में विभिन्न पारा, टोला और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने बारी- बारी से अपनी प्रस्तुतियां दीं। बीच-बीच में फादर अनुरंजन के नेतृत्व में बढ़नीझरिया के युवक-युवतियों की टीम ने भक्तिमय गीत गाए, जो माहौल को दुखभोगमय और आध्यात्मिक बना रहे थे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में फादर, सिस्टर्स और समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे।



